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budget 2021 in hindi- क्या क्या मिला बजट में आपको, पूरा बजट एक नजर में

budget 2021 in hindi- क्या क्या मिला बजट में आपको, पूरा बजट एक नजर में

बजट 2021-2022

निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री का भाषण

1 फरवरी, 2021

 

माननीय अध्यक्ष महोदय,

मैं वर्ष 2021-2022 के लिए बजट पेश करती हूँ

परिचय

  1. अध्यक्ष महोदय, यह बजट ऐसी परिस्थितियों में तैयार किया गया है जो पूर्व में कभी नहीं थी। हम उन आपदाओं के बारे में जानते थे जिन्होनें किसी देश अथवा किसी देश के भीतर किसी क्षेत्र को प्रभावित किया है परन्तु 2020 में हमने कोविड-19 के साथ क्या-क्या सहन किया उसका कोई उदाहरण नहीं है।
  2. जब मैंने बजट 2020-21 पेश किया था तो यह सोचा नहीं था कि विश्व अर्थव्यवस्था जो पहले से ही मंदी की गिरफ्त में थी, एक अभूतपूर्व संकुचन में धकेल दीजाएगी।
  3. हमनें यह कल्पना भी नहीं की थी कि हमारे लोगों के साथ-साथ अन्य देशों के लोगोंको अपने स्वजनों एवं प्रियजनों से बिछड़ने का दुःख सहना पड़ेगा और स्वास्थ्य संकट से उत्पन्न मुसीबतोंका सामना करना पड़ेगा।
  4. लाकडाउन नहीं लगाने का जोखिम बहुत अधिक था। तीन सप्ताह लंबे पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करने के 48 घंटे के भीतर, प्रधानमंत्री ने 2.76 लाख करोड़ रूपये मूल्य की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना घोषित की।इसने800 मिलियन लोगों के लिए मुफ्त खाद्यान्न, 80 मिलियन परिवारों कोकई महीनों के लिए मुफ्त कुकिंग गैस, और 400 मिलियन से अधिक किसानों, महिलाओं, वृद्धजनों, गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए सीधे नकद राशि मुहैया कराई।
  5. जबकि नागरिकों का एक बहुत बड़ा वर्ग घर में ठहरा रहा, दूध, सब्जी,और फल आपूर्तिकर्ता, स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मचारी, ट्रक ड्राईवर, रेलवे और सार्वजनिक परिवहन कामगार, बैंक कर्मचारी, बिजली कर्मी, हमारे अन्नदाता, पुलिस, अग्निशमन कर्मचारी और सशस्त्र बलों के लोगों को अपने ऊपर मंडराते वायरस के खतरे के साथ अपने काम पर सामान्य रूप से जाना पड़ा, किंतु हमें इसकाअहसास है और मैं मानती हूं कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में प्रत्येक व्यक्ति की ओर से बोल रही हूँ, जब मैं इन महिलाओं और पुरूषों के प्रति इस बात के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करती हूं कि वेउन निर्णायक महीनों में राष्ट्र की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने कार्य और कर्तव्य कोपूरा करने में कैसे समर्थ हुए।
  6. अध्यक्ष महोदय, लोक कल्याण के लिए, माननीय संसद सदस्यों और विधान सभा सदस्यों ने भी अपने वेतन का योगदान किया।
  7. मई 2020 में सरकार ने आत्म निर्भर भारत पैकेज (एएनबी 1.0) की घोषणा की।वर्ष में आगे भी रिकवरी बरकरार रखने के लिए, हम दो और आत्मनिर्भर भारतपैकेज (एएनबी 2.0 और एएनबी 3.0) लेकर आए। सभी आत्मनिर्भर भारत पैकेजों, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किए गए उपाय शामिल हैं, का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग 27.1 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान था जो जीडीपी के 13 प्रतिशत से अधिक बनता है।
  8. सरकार के रूप में, हमने स्थिति पर नजर बनाए रखी और अपने रिस्पांस में, हमअत्यन्त मुस्तैद थे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने हमारे समाज के सबसे अधिक संवेदनशील वर्गों– निर्धनों में निर्धनतम, दलितों, जनजातियों, वृद्धजनों, प्रवासी कामगारों और अपने बच्चों को सहारा देने के लिए अपने संसाधनोंमें से मुश्किल से रास्ता निकाला। पीएमजीकेवाई, तीन एएनबी पैकेज और बाद में की गई घोषणाएं अपने आप में पांच मिनी बजट के समान थीं।
  9. आत्मनिर्भर पैकेजों ने ढांचागत सुधारों की हमारी गति को बढ़ाया। एमएसएमईकापुनर्निर्धारण, खनिज क्षेत्र का वाणिज्यीकरण, कृषि और श्रम सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं इस अवधि के दौरान किए गये कुछ उल्लेखनीय सुधार हैं। फेसलेस आयकर निर्धारण, डीबीटी और वित्तीय समावेशन अन्य सुधार हैं।
  10. आज, भारत के पास दो वैक्सीन उपलब्ध हैं और हमने कोविड-19 के विरुद्ध न केवल अपने स्वयं के नागरिकों को चिकित्सा की दृष्टि से सुरक्षितकरना शुरू किया है, बल्कि 100 या उससे अधिक देशों के लोगों को भी इसकी सुरक्षा मुहैया कराई है। यह जानकर हमें और अधिक संतोष है कि और दो या अधिक वैक्सीनों के भी शीघ्र आने की संभावना है।
  11. माननीय प्रधानमंत्री ने हमारे वैज्ञानिकों को श्रेय और धन्यवाद देते हुए टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। हम उनके प्रयासों की शक्ति और तपस्या के लिए उनके सदैव आभारी रहेंगे।
  12. यह कहते हुए, हम सभी कोबारम्बार यह स्मरण हो जाताहैकि कोविड-19 के विरुद्ध हमारी लड़ाई 2021 में भी जारी रहेगी।
  13. अब, जैसा कि दो विश्व युद्धों के पश्चात घटित हुआ था, ऐसे संकेत हैं कि कोविड के बाद की दुनिया में राजनैतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधबदल रहे हैं। इतिहास में यह क्षण एक नये युग के अवतरण की शुरुआत है – जिसमें भारत सही मायनों में संभावनाओं एवं उम्मीद की धरती बनने के लिए उद्यत है।

 

विश्वास वह चिड़िया है जो प्रकाश की अनुभूति करती है और तब गाती है जब भोर में अंधेरा बना ही रहता है।

 

रविंद्रनाथ ठाकुर

(फायरफ्साइस ए कलेक्शन ऑफ एफोरिज्म)

 

  1. इस भावना से, मैं उस खुशी कोबयान करने के लिए बाह्य हो जाती हूं,जोएक क्रिकेट प्रेमी राष्ट्र के रूप में, हमने आस्ट्रेलिया में टीम भारत की शानदार सफलता के पश्चात् महसूस किया। इसने हम सबको उन सभी गुणों का स्मरण कराया जिनके लिए हम, भारत के लोग, विशेषकर जाने जाते हैं, वे गुण हैं- भरपूर हौसला और काम करने और कामयाब होने की अदम्य अभिलाषा। हमारे युवा पर्याप्त संभावना और कुछ कर गुजरने और सफलता के अदम्य साहस के प्रतीक हैं।
  2. आज, आकड़े यह दर्शाते हैं कि अब भारत में प्रति मिलियन पर 112 की न्यूनतम मृत्यु दर है और प्रति मिलियन पर 130 न्यूनतम सक्रिय मामले हैं। इसने उस पुनरुत्थान की नींव रख दी है जिसे हम अब अर्थव्यवस्था में देख रहे हैं।
  3. यह बजट इस नये दशक का पहला बजट होगा। यह बजट एक डिजिटल बजट भी होगा और जो आप सभी के समर्थन से संभव हुआ है।
  4. अब तक, केवल तीन बार ऐसा हुआ है जब अर्थव्यवस्था में संकुचन के बाद बजट आया है। ऐसे सभी संकुचन उन परिस्थितियों के परिणाम थे जिनके लक्षण भारत में मिलते हैं। इस बार, हमारी अर्थव्यवस्था में संकुचनवैश्विक महामारी की वजह से हुआ, ठीक वैसे ही जैसे अनेक अन्य देशों में हुआ।
  5. यह कहकर, मैं विश्वासपूर्वक यह कहना चाहती हूं कि हमारी सरकार अर्थव्यवस्था को पुनःपटरी पर लाने के लिए सहयोग करने और सुविधा देने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। यह बजट हमारी अर्थव्यवस्था को ऊपर उठने और रफ्तार पकड़ने के लिए वह हर अवसर उपलब्ध कराता है जिसकी इसे दीर्घस्थायी विकास के लिए दरकार है।
  6. वर्ष 2021 हमारे इतिहास के लिए अनेक महत्वपूर्ण मील के पत्थरों का वर्ष है। मैं उनमें से कुछ का उल्लेख करती हूं – यह आजादी का 75वां वर्ष है –भारत में गोवा के विलय का 60वां वर्ष है, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का 50वां वर्ष है – यह स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना का वर्ष होगा – यह ब्रिक्स में भारत के सभापतित्व का वर्ष होगा – हमारे चन्द्रयान-3 मिशन का; और हरिद्वार महाकुंभ का वर्ष होगा।
  7. अध्यक्ष महोदय, मैं बजट के भाग क को प्रारंभ करने से पूर्व मैं इस बात का आभार प्रकट करने के लिए एक क्षण लेना चाहूंगी कि हमारे जैसे देश के लिए पृथक रहना और दूरी बनाए रखना किस तरह पहाड़ जैसी चुनौतियों के रूप में प्रतीत हुआ जहां संकट के समय लोगएक साथ आ जाते हैं। इसने हमें अनेक तरीकों से नुकसान पहुंचाया।हमारे प्रत्येक नागरिक ने अपनी शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती के लिए एक अत्यंत कठिन वर्ष का सामना करने के लिए जो जज्वा दिखाया, उसके लिए मैं उनमें से प्रत्येक के सामने अपना सिर झुकाती हूँ।

भाग क

  1. भाग क में, मैं आत्मनिर्भर भारत का विजन रखना चाहती हूं।
  2. आत्मनिर्भरता एक नया विचार नहीं है। प्राचीन भारत कुल मिलाकर आत्मनिर्भर, और समान रूप से, विश्व का व्यावसायिक मुख्य केन्द्र था।
  3. आत्मनिर्भर भारत 130 करोड़ भारतीयों की अभिव्यक्ति है जिनको अपनी क्षमताओं और कौशलों में पूरा भरोसा है।
  4. हम पहले ही जी-20 और ब्रिक्स जैसे अंतराष्ट्रीय समूहों का हिस्सा बन चुके हैं। आपदा समुत्थानशील अवसंचरना के लिएगठजोड़ और अंतराष्ट्रीय सौर मैत्री भारत के प्रयासों के कारण आज वास्तविक रूप ले चुके हैं।
  5. भाग क में दिए गए प्रस्ताव, अन्य बातों के साथ-साथ,राष्ट्र प्रथम,किसानों की आय दोगुना करना, सुदृढ़ अवसंरचना, स्वस्थ भारत, सुशासन, युवाओं के लिए अवसर, सभी के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के संकल्प को और सशक्त करेंगे।
  6. इसके अतिरिक्त, 2015-16 के बजट में हमने जो 13 वादे किए थे,उनके तेजी से कार्यान्वयन के मार्ग पर भी हम चल रहे हैं। ये वे वादे हैंजिन्हें हमारी आजादी के 75वें वर्ष पर, 2022 के अमृत महोत्सव के दौरान फलीभूत हों। वे भी आत्मनिर्भरता के इस विजनसे गुंजायमान हो रहे हैं।
  7. 2020-2021 के बजट प्रस्ताव 6 स्तंभों पर आधारित हैं –
  8. स्वास्थ्य और कल्याण
  9. भौतिक और वित्तीय पूंजी, और अवसंरचना

iii.  आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास

  1. मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना ।
  2. नवप्रवर्तन और अनुंसधान एवं विकास
  3. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन
  4. 1. स्वास्थ्य और कल्याण
  5. प्रारंभ में ही, मैं यह कहना चाहूंगी कि इस बजट में स्वास्थ्य अवसंरचना पर निवेश पर्याप्त रूप से बढ़ा दिया गया है। प्रगामी रूप से, संस्थायें जैसे-जैसे अधिक समायोजित कर पाएंगी, वैसे-वैसे हम अधिक से अधिक सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

  1. स्वास्थ्य के प्रतिसमग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए, हमने तीन क्षेत्रों को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया है–निवारक, उपचारात्मक, सुधारात्मक और कल्याण।

स्वास्थ्य प्रणालियां

  1. एक नई केन्द्रीय प्रायोजित योजना, पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना 64,180 करोड़ रूपए के परिव्यय के साथ 6 वर्ष के लिए लांच की जाएगी। यह प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमताओं को विकसित करेगी, मौजूदा राष्ट्रीय संस्थाओं को सुदृढ़ करेगी और नई और सामने आने वाली बीमारियों की पहचान करने और उनका इलाज करने के लिए नई संस्थाबनाएंगी। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगी। इस योजना के अन्तर्गत मुख्य पहल निम्नलिखित हैं –
  • 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य और वैलनेस केन्द्रों के लिए समर्थन
  • 11 राज्यों में सभी जिलों में एकीकृत लोक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं और 3382 ब्लॉक लोक स्वास्थ्य इकाईयां स्थापित करना।
  • 602 जिलों और 12 केन्द्रीय संस्थानों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लाक स्थापित करना।
  • राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी), इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं और 20 महानगर स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को सुदृढ़ करना,
  • एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में विस्तार ताकि सभी लोक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को जोड़ा जा सके।
  • 17 नईलोक स्वास्थ्य इकाईयों को चालू करना और 33 मौजूदा लोक स्वास्थ्य इकाईयों को प्रवेश बिंदुओं पर सुदृढ़ करना जो 32 विमानपत्तनों, 11 बन्दरगाहों और 7 लैंड क्रॉसिंग्स पर हैं।
  • 15 स्वास्थ्य आपातकालीन आपरेशन केंद्रों और 2 मोबाइल अस्पतालों की स्थापना करना और
  • वन हैल्थ, जो डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफार्म है, के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान,9 बायो-सेफ्टी लेवल III प्रयोगशालाएं और विषाणु विज्ञान के लिए 4 क्षेत्रीय राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना करना।

पोषण- budget 2021 in hindi

  1. पोषणगत मात्रा, डिलीवरी, आउटरीच तथा परिणाम को सुदृढ़ करने के लिए हमसम्पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का विलय कर देंगे और मिशन पोषण 2.0 का शुभारंभ करेंगे। हम 112 आकांक्षी जिलों में पोषणगत परिणामों में सुधार लाने के लिए एक सुदृढ़ीकृत कार्यनीति अपनायेंगे।

जल आपूर्ति का सर्वव्यापी कवरेज-budget 2021 in hindi

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन नेसर्वसुलभ स्वास्थ्य हासिल करने के लिए एकपूर्वअपेक्षा के रूप में स्वच्छ जल, स्वच्छता और स्वच्छ वातावरण की महत्ता पर बार-बार बल दिया है।
  2. 33. जल जीवन मिशन (शहरी) लांच किया जाएगा। इसका उद्देश्यसभी 4378 शहरी स्थानीय निकायों में 2.86 करोड़ घरेलू नल कनेक्शनों के साथ सर्वसुलभ जल आपूर्ति और 500 अमृत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करना है।इसे 2,87,000 करोड़ रूपए के परिव्यय से 5 वर्ष में कार्यान्वित किया जाएगा।

स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत- budget 2021 ion hindi

  1. 34. शहरी भारत को और अधिक स्वच्छ बनाने के लिए, हमारा इरादा पूर्ण अवमल प्रबंधन और अपशिष्ट जल शोधन, कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, एकल उपयोग प्लास्टिक में कमी लाने, निर्माण और विध्वंस के कार्यकलापों के अपशिष्ट का प्रभावी रूप से प्रबंध करके वायु प्रदूषण में कमी लानेऔर सभी पुराने डम्पसाइटों के बायो-उपचार पर ध्यान केन्द्रित करना है। शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को 2021-2026 से 5 वर्ष की अवधि में 1,41,678 करोड़ रूपए के कुल वित्तीय आवंटन से कार्यान्वित किया जाएगा।

स्वच्छ वायु

  1. 35. वायु प्रदुषण की विकराल होती समस्या का समाधान करने के लिए, मैं इस बजट में 1 मिलियन से अधिक जनसंख्या वाले 42 शहरी केंद्रों के लिए 2,217 करोड़ रूपए की राशि मुहैया कराने का प्रस्ताव करती हूं।

स्क्रैपिंग नीति

  1. 36. हम पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को चरणबद्ध रीति से हटाने के लिए अलग से एक स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा कर रहे हैं। इससे ईंधन-दक्ष, पर्यावरण अनुकुल वाहनों को प्रोत्साहित करने, इस तरह वाहन प्रदूषण, तेल आयात बिल को कम करनेमें मदद मिलेगी। व्यक्तिगत वाहनों के मामले में 20 वर्ष के पश्चात और वाणिज्यिक वाहनों के मामले में 15 वर्ष के पश्चातवाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों में फिटनेस जांच करानी होगी। इस योजना का ब्यौरा मंत्रालय द्वारा अलग से साझा किया जाएगा।

वैक्सीन

  1. 37. न्यूमोकोल वैक्सीन, एक भारत निर्मित उत्पाद है, वर्तमान में केवल 5 राज्यों तक सीमित है, को पूरे देश में लागू किया जाएगा इससे प्रति वर्ष 50 हजार से अधिक बाल मृत्यु को रोका जाएगा।
  2. 38. मैंने बजट अनुमान 2021-22 में कोविड-19 वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपए प्रदान किये हैं। मैं और अधिक निधियां, यदि आवश्यक हुई, तोउपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं।
  3. 39. स्वास्थ्य और कल्याण के लिएइस वर्ष के बजट अनुमान94,452 करोड़ रुपए की तुलना मेंब.अ. 2021-22 में 2,23,846 करोड़ रूपए है।इस तरह, 137 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसका ब्यौरा भाषण के अनुबंध I में है।

 

  1. 2. भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना

   आत्मनिर्भर भारत उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई)

  1. 40. 5 ट्रिलियन अमरीकी डालर वाली अर्थव्यवस्था के लिए, हमारे विनिर्माण क्षेत्र कोसतत आधार पर दोहरे अंकों में बढ़ाना है। हमारी विनिर्माण कंपनियों के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृखंलाओं का एक अंगभूत भाग बनने, प्रमुख सक्षमता और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी रखने की आवश्यकता है। उपर्युक्त सभी को हासिल करने के लिए, आत्मनिर्भर भारत के लिए विनिर्माण वैश्विक चैंपियन बनाने के लिए 13 सेक्टरों के लिएपीएलआई योजनाएं घोषित की गई हैं। इसके लिए, सरकार वित्त वर्ष 2021-22 से आरंभ करके अगले5 वर्ष में लगभग 1.97 लाख करोड़ रूपए की व्यवस्था करने के लिए कटिबद्ध है। यह पहल प्रमुख क्षेत्रों में व्यापकता और आकार लाने में, वैश्विक चैंपियन सृजित और पोषित करने तथा हमारे युवाओं को नौकरियां देने में सहायता करेगी।

कपड़ा-budget 2021 in hindi

  1. 41. कपड़ा उद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनने के लिए सक्षम बनाने, बड़े निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन को तेज करने के लिए पीएलआई योजना के अतिरिक्त मेगा निवेश टेक्सटाइल्स पार्क (मित्रा) की एक योजना लांच की जाएगी। यह निर्यात में वैश्विक चैंपियन बनाने के लिए प्लग और प्ले सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय अवसंचरना सृजित करेगी। 3 वर्षों कीअवधि में 7 टैक्सटाईल पार्क स्थापित किये जायेंगे।

अवसंरचना-budget 2021 in hindi

  1. 42. राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) जिसकी मैंने दिसंबर 2019 में घोषणा की थी, भारत सरकार द्वारा अब तक शुरू की गई अपनीकिस्म की ऐसी पहली योजना है, जिसमें समूची सरकार को जुटना पड़ेगा। एनआईपी 6835 परियोजनाओं के साथ लांच की गई थी, परियोजना पाइपलाइन का विस्तार करके इसमेंअब 7400 परियोजनाओं को शामिल कर दिया गया है। कुछ प्रमुख अवसंरचना मंत्रालयों के अधीन 1.10 लाख करोड़ रूपए मूल्य की लगभग 217 परियोजनाएं पूरी हो गई हैं।
  2. 43. एनआईपी एक विशिष्ट लक्ष्य है जिसे यह सरकार आगामी वर्षों में हासिल करने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए सरकार और वित्तीय सेक्टर दोनों से वित्तपोषण में भारी वृद्धि अपेक्षित होगी। इस बजट में, मैं तीन तरीकों में इसे पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव करती हूँ।
  3. 44. पहले, संस्थागत संरचनाएं सृजित करके;दूसरे, आस्तियों के मुद्रीकरण पर जोर देकर और तीसरे केन्द्रीय तथा राज्य बजटों में पूंजीगत व्यय के हिस्सों में बढ़ोतरी करके।

अवसंरचना वित्तपोषण विकास वित्तीय संस्थान (डीएफआई)-budget 2021 in hindi

  1. 45. अवसंरचना के लिए दीर्घावधिक ऋण वित्तपोषण अपेक्षित है। पेशेवर रूप से प्रबंधित विकास वित्तीय संस्था अवसंरचना वित्त पोषण के लिए एक प्रदाता, समर्थनकारी और उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक है। तदनुसार, मैं डीएफआई स्थापित करने के लिए एक विधेयक पेश करूंगी। मैंने इस संस्था के पूंजीकरण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की धनराशि मुहैया की है। इरादा यह है कि इस डीएफआई के लिए तीन वर्षों के समय में कम से कम 5 लाख करोड़ रूपए का उधारी पोर्टफोलियोहो।
  2. 46. विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों द्वारा आईएनवीआईटी और आरईआईटी का ऋण वित्तपोषण संगत विधानों में उपयुक्त संशोधन करके पूरा किया जाएगा। इससे आईएनवीआईटी और आरईआईटी के लिए वित्त की पहुंच और आसान होगी जिसके फलस्वरूप अवसंरचना और स्थावर संपदा सेक्टरों के लिए निधियों में बढ़ोतरी होगी।

आस्ति मुद्रीकरण-budget 2021 in hindi

  1. 47. प्रचालित हो रहीसार्वजनिक अवसंरचना आस्तियों का मुद्रीकरण नई अवसंचरना निर्माण के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण वित्तपोषण विकल्प है। संभावित ब्रॉउनफील्ड अवसंरचना आस्तियों की एक “राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन”लांच की जाएगी। एक आस्ति मुद्रीकरण डैशबोर्ड की प्रगति कोट्रैक करने के लिए और निवेशकों को देखने की सुविधा प्रदान करने हेतु सृजित किया जाएगा। मुद्रीकरण की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण उपाय निम्नलिखित हैं:

(क) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पीजीसीआईएल में से प्रत्येक ने एक आईएनवीआईटी प्रायोजित की है जो अंतराष्ट्रीय तथा घरेलू संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करेगी। 5000 करोड़ रूपए के अनुमानित उद्यम मूल्य के साथप्रचालित हो रही पांच सड़कें एनएचएआई आईएनवीआईटी को अंतरित की जा रही हैं। इसी तरह, 7 हजार करोड़ रूपए मूल्य की ट्रांसमिशन आस्तियां पीजीसीआईएल आईएनवीआईटी के लिए अंतरित की जाएंगी।

(ख) रेलवे समर्पित भाड़ा कोरिडोर आस्तियों को,चालू होने के पश्चात प्रचालन और रखरखाव के लिए मुद्रीकृत करेगा।

(ग) विमान पत्तनों का आगामी लाट प्रचालनों और प्रबंधन रियायत के लिए मुद्रिकृत किया जाएगा।

(घ) अन्य प्रमुख अवसंरचना आस्तियां जोमुद्रीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत रोल आउट की जाएंगी,वे हैं:(i) एनएचएआई प्रचालनात्मक टोल रोड (ii) पीजीसीआईएल की ट्रांसमिशन आस्तियां (iii) गेल, आईओसीएल तथा एचपीसीएल का तेल और गैस पाइपलाइनें (iv) टीयर II और III शहरों में एएआई विमानपत्तन (v) अन्य रेलवे अवसंरचना आस्तियां (vi) केन्द्रीय वेयरहाउसिंग निगम जैसे लोक उद्यम वेयरहाउसिंग आस्तियां तथा नैफेड, इत्यादि और (vii) खेल स्टेडियम।

पूंजीगत बजट में तीव्र वृद्धि-budget 2021 in hindi

  1. 48. बजट अनुमान 2020-21 में, हमने पूंजीगत व्यय के लिए 4.12 लाख करोड़ रुपए प्रदान किए थे। हमारा यह प्रयास था कि संसाधनों की कमी के बावजूद हमें पूंजी पर अपेक्षाकृत अधिक व्यय करना चाहिए और हम वर्ष के अंत तक लगभग 4.39 लाख करोड़ रूपए खर्च करने की उम्मीद रखते हैं, जिसे मैंने संशोधित अनुमान 2020-21 में प्रदान किया है। 2021-22 के लिए, मैं पूंजीगत व्यय में तीव्र वृद्धि का प्रस्ताव करती हूँ और इस प्रकार 5.54 लाख करोड़ रूपए प्रदान किए हैं जो 2020-21 के बजट अनुमान से 34.5 प्रतिशत अधिक हैं, इसका, मैंने परियोजनाओं/कार्यक्रमों/विभागों के लिए प्रदान किये जाने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट शीर्ष में 44 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि रखी है जो पूंजीगत व्यय पर अच्छी प्रगति दर्शाती है तथा और अधिक निधियों की आवश्यकता है। इस व्यय के अतिरिक्त, हम राज्यों और स्वायत्त निकायों को उनके पूंजीगत व्यय के लिए 2 लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि भी प्रदान करेंगे।
  2. 49. हम अवसंरचना के सृजन पर अपने बजट में अधिक खर्च करने के लिए राज्यों को प्रेरित करने के लिए विशिष्ट तंत्र भी तैयार करेंगे।

सड़क और राजमार्ग अवसंरचना-budget 2021 in hindi

  1. 50. 3.3 लाख करोड़ रुपये की लागत से, 13,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई के सड़कों का भारत माला परियोजना के अंतर्गत 5.35 लाख करोड़ रूपए का ठेका पहले ही दे दिया गया है जिसका 3,800 किलोमीटर भाग निर्मित हो गया है। मार्च 2022 तक, हम दूसरे 8,500 कि. मी. का ठेका देंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के 11 हजार किलोमीटर को पूर्ण करेंगे।
  2. 51. सड़क अवसंरचना को और बढ़ाने के लिए, और अधिक आर्थिक कोरिडोर की भी योजना बनाई जा रही है। कुछ इस प्रकार है-

क. 1.03 लाख करोड़ रूपए के निवेश से तमिलनाडु राज्य में 3500 कि. मी. के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य। इनमें मदुरै – कोल्लम कोरिडोर, चित्तूर-थैयचूर कोरिडोर शामिल हैं। निर्माण कार्य आगामी वर्ष में आरंभ होगा।

ख. केरल में मुम्बई-कन्याकुमारी कोरिडोर के 600 किलोमीटर सेक्शन सहित 65000 करोड़ रुपए के निवेश से केरल राज्य में 1100 कि. मी. राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य

ग. मौजूदा सड़क – कोलकाता-सिलीगुड़ी के उन्नयन सहित 25,000 करोड़ रुपए की लागत से पश्चिम बंगाल राज्य में 6,75 कि. मी राजमार्ग का निर्माण कार्य।

घ असम राज्य में इस समय लगभग 19,000 हजार करोड़ रुपए के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों के 1300 कि. मी. से अधिक को कवर करते हुए 34,000 करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्य आगामी तीन वर्षों में राज्य में निष्पादित किये जायेंगे

  1. 52. कुछ फ्लैगशिप कोरिडोर और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं जिनमें 2021-22 में पर्याप्त कार्यकलाप दिखाई देंगे अनुबंध II में दी गई हैं।
  2. 53. मैं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के 1,18,101करोड़ रूपए का बढ़ा हुआ परिव्यय भी प्रदान कर रही हूं जिसमें से पूंजी के लिए 1,08,230 करोड़ रूपए हैं जो अब तक का सर्वाधिक है।

रेलवे अवसंरचना-budget 2021 in hindi

  1. 54. भारतीय रेलवे ने भारत के लिए एक राष्ट्रीय रेल योजना – 2030 तैयार की है। इस योजना को 2030 तक *भविष्य के लिए तैयार* रेलवे तंत्र सृजित करना है।
  2. 55. हमारे उद्योगों के लिए परिवहन लागत को कम करना *मेक इन इंडिया* को समर्थ बनाने के लिए हमारी रणनीति का मुख्य बिन्दु है। यह संभावना है कि पश्चिमी समर्पित भाड़ा कोरिडोर (डीएफसी) और पूर्वी डीएफसी जून 2022 तक चालू हो जाएगा। निम्नलिखित अतिरिक्त पहल प्रस्तावित हैं

क. 2021-22 में पूर्वी डीएफसी का सोननगर – गोमो खण्ड (263.7) कि. मी. पीपीपी मोड में शुरू किया जाएगा। 274.3 कि. मी. का गोमो – दानकुनी खण्ड भीइसके तत्काल बाद शुरू किया जाएगा।

ख. हम भावी समर्पित भाड़ा कोरिडोर परियोजनाओं को निष्पादित करेंगे नामतः खडगपुर से विजयवाड़ा तक पूर्वी तट कोरिडोर, भुसावल से खडगपुर से दानकुनी तक पूर्वी पश्चिमी कोरिडोर और इटारसी से विजयवाड़ा तक उत्तर दक्षिण कोरिडोर। प्रथम चरण में विस्तृत परियोजना रिर्पोटें निष्पादित की जाएंगी।

ग. विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर (आरकेएम) के 46,000 आरकेएम अर्थात 1 अक्टूबर 2020 को 41,548 आरकेएम से 2021 के अंत तक 72 प्रतिशत विस्तार तक पहुंचने की संभावना है। ब्रॉडगेज रूटों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा।

  1. 56. यात्री सुविधा और सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय प्रस्तावित हैं –

क. हम यात्रियों के लिए एक बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पर्यटक रूटों पर सौन्दर्यपरक रूप से डिजाइन किए गए बिस्टाडोम एलएचवी कोच आरंभ करेंगे।

ख. गत कुछ वर्षों में किए गए सुरक्षा उपायों के परिणाम प्राप्त हुए हैं। इस प्रयास को और सुदृढ़ करने के लिए, भारतीय रेलवे के उच्च घनत्व नेटवर्क और उच्च उपयोग किये गए नेटवर्क रूटों को देसी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन संरक्षण प्रणाली प्रदान की जाएगी जो मानवीय त्रुटि के कारण ट्रेन टकराने को समाप्त करेगी।

ग. मैं रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपए की एक रिकार्ड राशि प्रदान कर रही हूँ जिसमें 1,07,100 रुपये  पूंजीगत व्यय के लिए है।

शहरी अवसंरचना-budget 2021 in hindi

  1. 57. हम मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार औरसिटी बस सेवा की वृद्धि के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के हिस्से को बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे। सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की वृद्धि के समर्थन के लिए 18,000 करोड़ रूपए की लागत पर एक नई योजना लांच करेंगे। यह योजना 20,000 सेअधिक बसों के लिए वित्त, अधिग्रहण, प्रचालन और रखरखाव के लिए निजी क्षेत्र के प्लेयरों को सक्षम बनाने के लिए नवप्रवर्तनकारी पीपीपी माडलों की तैनाती को सुकर बनाएगी। यह योजना आटोमोबाईल सेक्टर को संवर्धित करेगी, आर्थिक समृद्धि में तेजी लाएगी, हमारे युवाओं के लिए रोजगार अवसर सृजित करेगी और शहरी निवासियों के आवागमन की सुविधा को बढ़ायेगी।
  2. 58. कुल 702 कि. मी. परम्परागत मेट्रो प्रचालन में हैं तथा और 1,016 कि. मी. मेट्रो और आरआरटीएस 27 शहरों में निर्माणाधीन है। दो नई प्रौद्योगिकियां अर्थात् ‘मेट्रोलाइट’ और ‘मेट्रोनियो’समान अनुभव, सुविधा के साथ अपेक्षाकृत कम लागत पर मेट्रो रेल तंत्र प्रदान करने के लिए तथा टीयर-2 शहरों में सुरक्षा तथा टीयर-1 शहरों के परिधि क्षेत्रों में तैनात की जाएगी।
  3. 59. केंद्रीय हिस्से की धनराशि निम्नलिखित को दी जाएगीः

क.कोच्ची मैट्रो रेलवे फेज-II, जिसकी लंबाई 11.5 किमी. और लागत 1957.05 करोड़ रुपये होगी।

ख.चेन्नई मैट्रो रेलवे फेज-II, जिसकी लंबाई 118.9 किमी. और लागत 63,246 करोड़ रुपये होगी.

ग.बैंगलुरू मैट्रो रेलवे प्रोजेक्ट फेज 2ए और 2बी, जिसकी लंबाई 58.19 किमी. और लागत 14,788 करोड़ रुपये होगी।

घ.नागपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-II और नासिक मेट्रो, जिसकी लागत क्रमशः 5,976 करोड़ रुपये और 2,092 करोड़ रुपये होगी।

विद्युत अवसंरचना-budget 2021 in hindi

  1. 60. पिछले 6 वर्षों में विद्युत क्षेत्र में कई सुधार और उपलब्धियां देखने में आयी हैं हमने स्थापित क्षमता में 139 गीगा वाट्स का इजाफा किया है और 2.8 करोड़ अतिरिक्त घरों में कनेक्शन दिएहैं और 1.41 लाख सर्किट किमी. की अतिरिक्त ट्रांसमिशन लाइन्स बढ़ायी है।
  2. 61. देशभर में संवितरण कंपनियों का अपना एकाधिकार रहा है – चाहे वह सरकारी कंपनी हो या निजी कंपनी। अब हमें प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की जरूरत है जिससे कि उपभोक्ताओं को विकल्प मिल सके। एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा जिससे उपभोक्ता एक से अधिक संवितरण कंपनियों में से अपना चुनाव करने का विकल्प रख सकेंगे।
  3. 62. इन संवितरण कंपनियों की व्यवहार्यता के प्रति बहुत बड़ी चिंता है। आने वाले 5 वर्षों में 3,05,984 करोड़ रुपए के परिव्यय से एक परिष्कृत व सुधार आधारित तथा परिणाम संबद्ध विद्युत वितरण क्षेत्र की योजना शुरू की जाएगी। इस योजना से डिस्कॉम्स को बुनियादी संरचनाओं को तैयार करने में सहायता मिल सकेगी, जिसमें प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग, सिस्टम्स का उन्नयन आदि आते हैं, जो कि वित्तीय सुधार से जुड़े हुए हैं।
  4. 63. प्रधानमंत्री जी ने नवम्बर, 2020 में तीसरे री-इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस में बोलते समय एक वृहद राष्ट्रीय हाइड्रोजन एनर्जी मिशन को शुरू करने की योजना की घोषणा की थी। अब 2021-22 में एक हाइड्रोजन एनर्जी मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है जिसके तहत ग्रीन पावर स्रोतों से हाइड्रोजन को पैदा किया जा सकेगा।

 

पत्तन, नौवहन, जलमार्ग-budget 2021 in hindi

  1. 64. बड़े-बड़े पत्तन जोकि अपनी संचालन सेवाओं को खुद देखते हैं अब एक ऐसे मॉडल के रूप में सामने आएंगे जिसका प्रबंधन इसके निजी भागीदार द्वारा किया जाता होगा। इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में सरकारी व निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत प्रमुख पत्तनों के द्वारा 7 परियोजनाएं प्रस्तावित की जाएंगी जिनकी लागत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
  2. 65. भारत में मर्चेंट शिप्स को बढ़ावा देने की एक योजना शुरू की जाएगी जिसमें मंत्रालयों और सीपीएसई के द्वारा जारी किए जाने वाले विश्व स्तरीय निविदाओं में भारतीय शिपिंग कंपनियों को सब्सिडी के माध्यम से सहायता दी जा सकेगी। इसके लिए आने वाले 5 वर्षों में 1624 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जाएगी। इस प्रकार के प्रयास से ग्लोबल शिपिंग में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी के बढ़ने के अलावा इंडियन सीफेयररों के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर सुलभ हो सकेंगे।
  3. 66. भारत ने एक रिसाइंकिलिंग ऑफ शिप्स एक्ट, 2019 अधिनियमित किया है और हॉगकांग इंटरनेशनल कन्वेशन तक अपनी पहुंच कायम की है। गुजरात के अलंग में स्थित लगभग 90 शिप रिसाइंकिलिंग यार्ड्स को पहले ही एचकेसी-अनुपालन सर्टिफिकिट प्राप्त हो गया है। यूरोप और जापान से और अधिक जहाजों को भारत में लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी जोकि लगभग 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (एलडीटी) है, को 2024 तक दो गुना कर दिया जाएगा। इससे हमारे युवाओं के लिए 1.5 लाख अधिक नौकरियों के पैदा होने का अनुमान है।

पेट्रौलियम और प्राकृतिक गैस-budget 2021 in hindi 

  1. 67. हमारी सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन की अवधि में भी देशभर में ईंधन की आपूर्ति बनाए रखी है। लोगों के जीवन में इस क्षेत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण स्थिति को देखते हुए निम्नलिखित प्रमुख कदमों की घोषणा की जा रही हैः

क.  उज्ज्वला स्कीम, जिसका लाभ 8 करोड़ परिवारों को हुआ है, का इस हद तक विस्तार किया जाएगा कि इसमें 1 करोड़ और लाभार्थी शामिल किए जा सकें।

ख.  हम अगले 3 वर्षों में 100 और अधिक जिलों को सिटी गैस डिस्टीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ देंगे।

ग.  जम्मू व कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र में एक गैस पाइप लाइन परियोजना शुरू की जाएगी।

घ.  एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑपरेटर का गठन किया जाएगा जिससे बिना किसी भेदभाव के खुली पहुंच के आधार पर सभी प्राकृतिक गैस पाइप लाइनों की कॉमन कैरियर कैपिसिटी की बुकिंग में सुविधा प्रदान की जा सकेगी और समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

वित्तीय पूंजी-budget 2021 in hindi

  1. 68. हम सेबी एक्ट, 1992, डिपोजिट्रीज एक्ट, 1996, सिक्योरिटीज कॉन्ट्रेक्ट (रेग्यूलेशन) एक्ट, 1956 और गवर्नेंट सिक्योरिटीज एक्ट, 2007 के प्रावधानों को समेकित करके एक युक्तिसंगत एकल सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड तैयार कर सके, ऐसा मेरा प्रस्ताव है।
  2. 69. सरकार जीआईएफटी – आईएफएससी में एक विश्वस्तरीय या फिन-टेक हब विकसित करने के लिए अपना समर्थन देने को तैयार है।
  3. 70. इस दबाव के वक्त में कारपोरेट बांड मार्केट में भागीदारों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए और सामान्यतः सेकेन्ड्री मार्केट लिक्विडिटी को बढ़ाने के लिए एक स्थायी संस्थागत फ्रेमवर्क तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्तावित निकाय के द्वारा दबावयुक्त और सामान्य समय अर्थात् दोनों ही स्थितियों में निवेशपरक ग्रेड कीऋण सिक्यूरिटीज की खरीद की जा सकेगी और इससे बांड मार्केट के विकास में मदद मिल सकेगी।
  4. 71. 2018-19 के बजट में सरकार ने देश में सोने के विनिमय को विनियमित करने की एक व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मंशा की घोषणा की थी। इस उद्देश्य के लिए सेबी को एक विनियामक के रूप में अधिसूचित किया जाएगा तथा वेयर हाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेट्री अथोरटी को मजबूत बनाया जाएगा जिससे कि एक कमोडिटी मार्केट इको सिस्टम की व्यवस्था कायम की जा सके और इसमें वेयरहाउसिंग के अलावा वाउल्टिंग, जांचपरख व लॉजिस्टिक्स आदि को भी शामिल किया जा सके।
  5. 72. निवेशकों को संरक्षण देने की दिशा में मेरा प्रस्ताव सभी वित्तीय उत्पादों के प्रति सभी वित्तीय निवेशकों के अधिकार के रूप में एक इन्वेस्टर चार्टर को लागू करने का है।
  6. 73. गैर परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक बढ़ावा देने के लिए मेरा प्रस्ताव भारतीय सौर ऊर्जा निगम में 1,000 करोड़ रुपये और भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी में 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी को लगाने का है।

बीमा क्षेत्र में एफडीआई को बढ़ाना-budget 2021 in hindi

  1. 74. मेरा प्रस्ताव बीमा अधिनियम, 1938 में संशोधन किए जाने का है जिससे कि इसके लिए बीमा कंपनियों में अनुज्ञेय एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की जा सके और सुरक्षा उपायों को अपनाते हुए विदेशी स्वामित्व और नियंत्रण को स्वीकृति दी जा सके। इस नई संरचना के अंतर्गत बोर्ड के ज्यादातर निदेशक और प्रबंधन से जुड़े प्रमुख व्यक्ति रेजीडेंट इंडियन होंगे जिनमें कम से कम 50 प्रतिशत निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे और लाभ का एक विशेष प्रतिशत सामान्य रूप से आरक्षित रखा जाएगा।

एक नई संरचना को स्थापित करके तनावग्रस्त परिसंपत्ति का समाधान-budget 2021 in hindi 

  1. 75. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपने संकटग्रस्त परिसंपत्ति के लिए उच्चस्तर का प्रावधान कर सके इसके लिए ऐसे उपाय की जरूरत है जिससे बैंक के बही खाते ठीक हो सके। एक असेट रिकस्ट्रेक्सन कंपनी लिमिटेड और असेट मैनेंजमेंट कंपनी का गठन किया जाएगा जिससे वर्तमान के तनावग्रस्त ऋण को समेकित किया जा सके और उसे अपने हाथ में लिया जा सके फिर उसके बाद उस परिसंपत्ति का वैकल्पिक निवेश कोष में निपटान किया जा सके और अन्य सक्षम निवेशकों को दिया जा सके ताकि उसका अंतिम मूल्य प्राप्त हो सके।

पीएसबी का पुनः पूंजीकरण-budget 2021 in hindi

  1. 76. पीएसबी की वित्तीय क्षमता को और अधिक समेकित करने के लिए वर्ष 2021-22 में 20,000 करोड़ रुपये और का पुनः पूंजीकरण किए जाने का प्रस्ताव है।

जमा बीमा-budget 2021 in hindi

  1. 77. पिछले वर्ष सरकार ने बैंक ग्राहकों के लिए डिपोजिट बीमा कवर को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर दिए जाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी। हम इसी सत्र में डीआईसीजीसी एक्ट, 1961 में संशोधन करने का एक प्रस्ताव लाएंगे जिससे कि इसके प्रावधानों को स्ट्रीम लाइन किया जा सके ताकि यदि कोई बैंक अस्थायी रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल हो जाता है तो ऐसे बैंक में जमा करने वाले व्यक्ति आसानी से और समयपूर्वक अपनी जमाराशि को उस सीमा तक प्राप्त कर सकें जिस सीमा तक वह बीमा कवरेज के अंतर्गत आती हो। इससे बैंक के उन जमाकर्ताओं को मदद मिल सकेगी जोकि इस समय तनावग्रस्त है।
  2. 78. छोटे-मोटे कर्जदारों के हितों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ क्रेडिट की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए, एनबीएफसी के लिए जिसकी न्यूनतम परिसंपत्ति 100 करोड़ रुपए तक की हो सकती है, सिक्यूरीटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन और फाइनेंशियल असेट्स एंड इनफोर्समेंट ऑफ सिक्यूरीटी इन्टेरेस्ट (एसएआरएफएईएसआई) एक्ट, 2002 के अंतर्गत ऋण वसूली के लिए पात्र न्यूनतम ऋण की सीमा को 50 लाख रुपये के वर्तमान स्तर से कम करके 20 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव किया जा रहा है।

कंपनी मामले- budget 2021 in hindi 

  1. 79. कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रक्रियागत और तकनीकी रूप से शमन किए जाने वाले अपराधों को समाप्त किए जाने का काम अब पूरा हो गया है। अब हमारा प्रस्ताव लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) एक्ट, 2008 को अपराध मुक्त बनाने के लिए अगला कदम उठाए जाने का है।
  2. 80. महोदय, मेरा कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लघु कंपनियों की परिभाषा में संशोधन करने का प्रस्ताव है जिसके तहत प्रदत्त पूंजी के लिएउनकी न्यूनतम सीमा (थ्रेशोल्ड) 50 लाख रुपये से अनधिक’ के स्थान पर 2 करोड़ रुपए से अनधिक’ तथा कारोबार की न्यूनतम सीमा को ‘2 करोड़ रुपये से अनधिक’ के स्थान पर ‘20 करोड़ रुपये से अनधिक’ किया जाए। इससे दो लाख से अधिक कंपनियों को अपने अनुपालन संबंधी जरूरत को पूरा करने में आसानी होगी।
  3. 81. एक अन्य उपाय, जिससे स्टार्टअप और अभिनवकर्ताओं को लाभ पहुंचेगा, के रूप में मेरा प्रस्ताव यह है कि ओपीसी को मंजूरी देते हुए एकल व्यक्ति कंपनी के निगमन को प्रोत्साहित किया जाए जिससे कि प्रद्त्त पूंजी और कारोबार पर बिना प्रतिबंध के वे अपना विकास कर सके और उनको किसी भी समय अपना किसी भी अन्य प्रकार की कंपनी के रूप में बदलने की अनुमति दी जाए, ओपीसी के गठन के लिए भारतीय नागरिक के रूप में उनके आवासन की सीमा जो 182 दिन की रखी गई है उसे 120 दिन की जाए और अनिवासी भारतीयों (एनआरआई)को भारत में अपनी ओपीसी स्थापित करने की अनुमति दी जाए।
  4. 82. विवादों का तेजी से समाधान सुनिश्चित करने के लिए एनसीएलटी फ्रेमवर्क को मजबूत बनाया जाएगा, ई-कोर्ट्स सिस्टम को लागू किया जाएगा और एमएसएमई के लिए ऋण समाधान की वैकल्पिक व्यवस्था और विशेष फ्रेमवर्क को लागू किया जाएगा।
  5. 83. आने वाले राजकोषीय वर्ष 2021-22 के दौरान हम डाटा एनेलेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग चालित एमसीए 21 वर्जन 3.0 शुरू कर रहे होंगे। इस वर्जन 3.0 में ई-स्क्रूटनी, ई-एडजुडीकेशन, ई-कन्सल्टेशन और अनुपालन प्रबंधन के अतिरिक्त मॉड्यूल्स होंगे।

विनिवेश और रणनीतिक विक्रय-budget 2021 in hindi

  1. 84. कोविड-19 के वावजूद हम रणनीतिक विनिवेश की दिशा में कार्य करते रहे हैं। बीपीसीएल, एयर इंडिया, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बीईएमएल, पवन हंस, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड के साथ होने वाले कई लेन-देन 2021-22 में पूरे हो जाएंगे। वर्ष 2021-22 में हम आईडीबीआई बैंक के अलावा दो सार्वजनिक क्षेत्रीय बैंकों और एक सामान्य बीमा कंपनी का भी निजीकरण करने का प्रस्ताव रखते हैं। इसके लिए वैधानिक संशोधनों की जरूरत पड़ेगी और इसी सत्र में ही इन संशोधनों को लाने का हमारा विचार है।
  2. 85. 2021-22 में ही हम एलआईसी का आईपीओ भीलाएंगे जिसके लिए मैं इसी सत्र में अपेक्षित संशोधन लारही हूँ।
  3. 86. आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत हमने घोषणा की थी कि हम सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रणनीतिक विनिवेश की एक नीति लाने वाले हैं। सदन को सूचित करते हुए मुझे हर्ष हो रहा है कि सरकार ने उक्त नीति को अनुमोदित कर दिया है। इस नीति में सभी गैर-सामरिक और सामरिक क्षेत्रों में विनिवेश का एक सुस्पष्ट मार्गदर्शन दिया गया है। हमने अपने पास ऐसे चार क्षेत्रों को ही रखा है जोकि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं जिसमें न्यूनतम सीपीएसई को बनाए रखा जाएगा और बाकी का निजीकरण कर दिया जाएगा। बाकी क्षेत्रों में सभी सीपीएसई का निजीकरण किया जाएगा। इस नीति की मुख्य बातें अनुबंध-III में उल्लिखित कर दी गई हैं।

 

  1. 87. विनिवेश की नीति में तेजी लाने के लिए मेरा एनआईटीआई से कहना है कि वह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की उन कंपनियों को अगली सूची तैयार करे जिनमें रणनीतिक रूप से विनिवेश किया जाना हो।
  2. 88. इसी तरह राज्यों को भी अपने निजी क्षेत्र की कंपनियों में विनिवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए हम राज्यों के लिए केंद्रीय कोष से एक प्रोत्साहनपरक पैकेज लाने वाले हैं।
  3. 89. बेकार पड़ी संपत्तियों का आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कोई योगदान नहीं होने वाला है। ये नॉन-कोरपरिसंपत्तियों में ज्यादातर वे अतिरिक्त भूमि आती हैं जो कि सरकार के मंत्रालयों/विभागों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पास पड़ी हैं। इन जमीनों का मुद्रीकरण या तो सीधे उनकी बिक्री करके या रियायत देकर या इसी प्रकार के अन्य साधनों से किया जा सकता है। इसके लिए विशेष योग्यता की जरूरत है और इस उद्देश्य के लिए मेरा प्रस्ताव है कि किसी ऐसी कंपनी के रूप में विशेष प्रयोजनीय साधन का प्रयोग किया जाए जोकि इस कार्य को पूरा कर सके।
  4. 90. बीमार पड़ी या घाटे में चलने वाले सीपीएसई को समय से बंद करने के लिए हम एक ऐसे संशोधित तंत्र को लागू करने वाले हैं जिससे इन इकाइयों को समय से बंद किया जा सकेगा।
  5. 91. हमने विनिवेश से ब.अ. 2021-22 में 1,75,000 करोड़ रुपये की प्राप्तियों का अनुमान लगाया है।

सरकारी वित्तीय सुधार-budget 2021 in hindi

  1. 92. ट्रेजरी सिंगल एकाउंट सिस्टम (टीएसए) के अंतर्गत स्वायत्तशासी निकाय अपने वास्तविक खर्च के समय सरकार के खाते से अपना फंड सीधे निकाल सकते हैं इससे ब्याज के रूप में आने वाली लागत बच जाती है। हम 2021-22 से इस टीएसए सिस्टम को सर्वसुलभ रूप से लागू करने वाले हैं।
  2. 93. पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिश के आधार पर हमने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को युक्ति संगत बनाने और इनकी संख्या को कम करने का विस्तृत कार्य किया है। इससे इनके परिव्यय को समेकित किया जा सकेगा और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
  3. 94. सरकार बहुराज्य सहकारी समितियों के विकास के प्रति वचनबद्ध है और उनको हर तरह की सहायता देगी। सहकारी समितियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल बनाने के लिए मेरा प्रस्ताव उनके लिए एक अलग से प्रशासनिक संरचना स्थापित करने का है।
  4. 3. आकांक्षी भारत का समग्र विकास
  5. 95. माननीय अध्यक्ष महोदय, इस स्तंभ के नीचे हम कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों, कृषक कल्याण और ग्रामीण भारत, प्रवासी श्रमिकों और मजदूरों और वित्तीय समावेशन को कवर करने वाले हैं।

कृषि-budger 2021 in hindi

  1. 96. सरकार किसानों को कल्याण के प्रति कटिबद्ध है। एमएसपी की व्यवस्था में मूलभूत परिवर्तन किया गया है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रकार की जिंसों के मामले में उत्पादन लागत का 1.5 गुना कीमत मिल सके। खरीद का कार्य भी अब तेजी से जारी है इसके परिणामस्वरूप किसानों को पर्याप्त भुगतान किए जाने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है।
  2. 97. गेहूं के मामले में 2013-14 में किसानों को कुल 33,874 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। 2019-20 में यह राशि 62,802 करोड़ रुपये थी और 2020-21 में स्थिति और भी अच्छी हुई तथा किसानों को कुल 75,060 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है गेहूं उत्पादन करने वाले उन किसानों की संख्या जिनको इनका लाभ मिला है 2019-20 के 35.57 लाख से बढ़कर 2020-21 में 43.36 लाख तक पहुंच गई है।
  3. 98. जहां तक धान की बात है तो 2013-14 में 63,928 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। 2019-20 में यह राशि बढ़कर 1,41,930 करोड़ रुपये हो गई थी। यहां तक कि 2020-21 में स्थिति और भी बेहतर हुई और इस अवधि में यह राशि बढ़कर 172,752 करोड़ रुपये के हो जाने का अनुमान है। इसका लाभ प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या जो 2019-20 में 1.24 करोड़ थी वह बढ़कर 2020-21 में 1.54 करोड़ हो गई है।
  4. 99. इसी तरह दालों के मामले में 2013-14 में 236 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। यह राशि बढ़कर 2019-20 में 8,285 करोड़ रुपये हो गई थी और अब 2020-21 में यह राशि 10,530 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है जोकि 2013-14 की तुलना में 40 गुना अधिक है।
  5. 100. कपास के किसानों को मिलने वाली राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है जोकि 2013-14 के 90 करोड़ रुपये से बढ़कर अब (27 जनवरी, 2021 को) 25,974 करोड़ रुपये हो गई है इसका ब्यौरा अनुबंध IV में दिया गया है।
  6. 101. इस वर्ष के शुरू में ही माननीय प्रधानमंत्री जी ने एक स्वामित्व स्कीम शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत गांवों में संपत्तियों के मालिकों को अधिकार के दस्तावेज दिए जा रहे हैं अब तक 1,241 गावों के लगभग 1.80 लाख संपत्ति मालिकों को कार्ड दिए गए हैं। अब मेरा प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस योजना को सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लागू करने का है।
  7. 102. अपने किसानों को पर्याप्त ऋण सुलभ कराने के लिए हमने वित्तीय वर्ष 2022 में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये तक कर दिया है। हमारा ध्यान पशुपालन, डेयरी और मात्स्यिकी के क्षेत्र में और अधिक ऋण सुलभ कराने पर है।
  8. 103. हम ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष में किए जा रहे आबंटन को 30,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर रहे हैं।
  9. 104. नावार्ड के अंतर्गत 5,000 करोड़ रुपये से एक माइक्रो इरिगेशन फंड स्थापित किया गया है। मेरा प्रस्ताव इसमें 5,000 करोड़ रुपये और डालकर इसको दोगुना करने का है।
  10. 105. कृषि और संबद्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने और उसके निर्यात को बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन ग्रीन स्कीम’ जोकि इस समय केवल टमाटर, प्याज और आलू पर लागू है, के दायरे को बढ़ाकर इसमें जल्दी खराब होने वाले 22 और उत्पादों को शामिल किया जाएगा।
  11. 106. ई-एनएएम के तहत 1.68 करोड़ किसानों का पंजीकरण किया गया है और 1.14 लाख करोड़ रूपये का व्यापार मूल्य हासिल हुआ है। ई-एनएएम से कृषि बाजार में जो पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा देखने में आयी है उसको ध्यान में रखते हुए 1000 और मंडियों को ई-एनएएम के अंतर्गत लाया जाएगा।
  12. 107. एपीएमसी कृषि अवसंरचना कोष की सुविधा प्रदान की जाएगी जिससे वे अपनी बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि कर सकेंगे।

मात्स्यिकी-budget 2021in hindi

  1. 108. हम आधुनिक मात्स्यिकी बंदरगाहों और फिश लैंडिंग सेंटर के विकास में पर्याप्त निवेश के लिए प्रस्ताव कर रहे हैं। शुरू-शुरू में 5 मत्स्य बंदरगाहों – कोच्चि, चैन्नई, विशाखापत्तन, पारदीप और पेटुआघाट का आर्थिक क्रियाकलापों के हब्स के रूप में विकास किया जाएगा। हम नदियों और जलमार्गों के किनारे स्थित अंतर्देशीय मत्स्य बंदरगाहों और फिश लैंडिंग सेंटर का भी विकास करेंगे।
  2. 109. सीवीड फार्मिंग एक ऐसे क्षेत्र के रूप में उभर रहा है जिसमें तटीय समुदायों के जीवन में परिवर्तन लाने की क्षमता है – इससे बड़े पैमाने पर रोजगार मिल सकेगा और अतिरिक्त आय पैदा की जा सकेगी। सीवीड उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु में एक मल्टीपर्पज सीवीड पार्क की स्थापना किए जाने का मेरा प्रस्ताव है।

प्रवासी श्रमिक और मजदूर-budget 2021 in hindi

  1. 110. हमने एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की योजना शुरू की है जिसके अंतर्गत लाभार्थी देश में कहीं भी अपना राशन ले सकते हैं। प्रवासी मजदूरों को इस योजना का विशेष रूप से लाभ होगा क्योंकि वे अपने परिवार से दूर रह रहे हैं और जहां वह हैं वहां अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं जबकि उनका परिवार अपने मूल स्थान पर अपना बाकी राशन ले सकता है। मुझे आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि इस एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड की योजना 32 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में चल रही है जिसमें लगभग 69 करोड़ लाभार्थी आते हैं जोकि कवर किए गए कुल लाभार्थियों को 86 प्रतिशत होते हैं। शेष 4 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में भी अगले कुछ महीनों में यह योजना लागू हो जाएगी।
  2. 111. गैर-संगठित क्षेत्र के श्रमिकों – विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों – के लिए किए जा रहे हमारे प्रयास को और आगे बढ़ाने के लिए मेरा प्रस्ताव एक ऐसे पोर्टल को शुरू करने का है जिस पर नावों, भवन निर्माण और निर्माण कार्य आदि में लगे श्रमिकों तथा अन्य श्रमिकों के बारे में संगत सूचना संग्रहित की जा सकती है, इससे प्रवासी मजदूरों के लिए स्वास्थ्य, आवास, कौशल, बीमा, क्रेडिट और खाद्य संबंधी योजनाओं को तैयार करने में मदद मिल सकेगी।
  3. 112. 4 श्रम संहिताओं को लागू करके हम उस प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे जिसकी शुरूआत 20 वर्ष पहले हुई थी। विश्वभर में पहली बार नावों और प्लेटफार्मों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराया गया है। सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की व्यवस्था लागू होगी और उनको कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत लाया जाएगा। महिलाओं को सभी श्रेणी में काम करने की इजाजत होगी और वे नाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी तथा उनको प्रर्याप्त सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। इसी समय नियोजकों पर पड़ने वाले अनुपालन भार को भी कम किया जाएगा और उनको सिंगल रजिस्ट्रेशन और लाइंसेंसिंग का लाभ दिया जाएगा और वे अपना रिटर्न ऑनलाइन भर सकेंगे।

वित्तीय समायोजन-budget 2021 in hindi

  1. 113. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए चलाई गई स्टैण्ड अप इंडिया स्कीम के अंतर्गत ऋण की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए मेरा प्रस्ताव है कि मार्जिंग मनी की आवश्यकता को 25 प्रतिशत से कम करके 15 प्रतिशत कर दिया जाए और इसमें कृषि से संबंधित क्रियाकलापों के लिए भी दिए जाने वाले ऋण को शामिल किया जाए।
  2. 114. हमने एमएसएमई क्षेत्र को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस बजट में भी हमने इस क्षेत्र के लिए 15,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है – जोकि इस वर्ष के बजट अनुमान का भी दो गुना है।
  3. 4. मानव पूंजी का पुनः शक्तिवर्धन
  4. 115. हाल ही में घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का अच्छा स्वागत हुआ है।

विद्यालयी शिक्षा-budget 2021 in hindi

  1. 116. 15,000 से अधिक विद्यालयों में गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार किया जाएगा ताकि वहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी घटकों का अनुपालन हो सके वे अपने-अपने क्षेत्र में एक उदाहरणपरक विद्यालय के रूप में उभरकर आएंगे और अन्य विद्यालयों को भी सहारा देंगे तथा मार्गदर्शन करेंगे ताकि इस नीति के आदर्श को प्राप्त किया जा सके।
  2. 117. गैर सरकारी संगठनों/निजी स्कूलों/राज्यों के साथ भागीदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

उच्चतर शिक्षा-budget 2021 in hindi 

  1. 118. बजट 2019-20 में, मैंने भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग गठित करने के बारे में उल्लेख किया था। हम उसे क्रियान्वित करने के लिए इस वर्ष विधान पेश करेंगे। यह एक छत्रक निकाय होगा जिसमें निर्धारण, प्रत्यायन, विनियमन, और फंडिग के लिए चार अलग-अलग घटक होंगे।
  2. 119. हमारे अधिकतर शहरों में विभिन्न प्रकार के अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय और कॉलेज होते हैं जिनको भारत सरकार से सहायता प्राप्त होती है। उदाहरण के तौर पर हैदराबाद में ऐसे लगभग 40 प्रमुख संस्थान हैं। ऐसे 9 शहरों में हम औपचारिक रूप से छत्रक संरचनाओं की स्थापना करेंगे जिससे इन संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय हो सके और साथ ही साथ इनकी आंतरिक स्वायत्तता भी बरकरार रखी जा सके। इस उद्देश्य के लिए एक ग्लू ग्रांट अलग से रखा जाएगा।
  3. 120. लद्दाख में उच्चतर शिक्षा की व्यवस्था करने के लिए लेह में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने का हमारा प्रस्ताव है।
  4. 121. इस एनईपी के हिस्से के रूप में अपनाई जाने वाली कुछ अन्य प्रमुख परियोजनाओं की सूची अनुबंध V में दी गई है।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण-budget 2021 in hindi 

  1. 122. हमने अपने जनजाति क्षेत्रों में 750 एकलव्य मॉडल रेजीडेन्सियल स्कूलों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा है मेरा प्रस्ताव ऐसे स्कूलों की इकाई लागत को 20 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 38 करोड़ रुपए करने का है और पहाड़ी तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए तो इसे बढ़ाकर 48 करोड़ रुपए करने का है। इससे हमारे जनजातीय विद्यार्थियो के लिए अवसंरचना सुविधा को पैदा करने में मदद मिलेगी।
  2. 123. हमने अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम का पुनरूद्धार किया है। हमने इस वाबत केंद्र की सहायता में भी वृद्धि की है। हम अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 2025-26 तक की 6 वर्ष की अवधि के लिए 35,219 करोड़ रुपये का आबंटन कर रहे हैं।

कौशल-budget 2021 in hindi 

  1. 124. 2016 में हमने एक राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना शुरू की थी सरकार का प्रस्ताव प्रशिक्षुता अधिनियम में संशोधन करने का है जिससे कि हमारे युवाओं को एप्रेंटिसशिप के और अवसर मिल सके। हम शिक्षापरांत एप्रेंटिसशिप, इंजीनियरिंग में स्नातक और डिप्लोमा होल्डर्स के लिए नेशनल एप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम की वर्तमान योजना को फिर से ठीक करना चाहते हैं। इसके लिए 3,000 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे।
  2. 125. संयुक्त अरब अमीरात के साथ भागीदारी से एक प्रयास किया जा रहा है जिससे कौशलपूर्ण अर्हता आकलन और प्रमाणन के न्यूनतम मानदण्ड तैयार किए जा सके और साथ ही साथ प्रमाणपत्र प्राप्त श्रमिकों को काम पर भी लगाया जा सके। भारत और जापान के बीच हमारा एक सहभागी ट्रेनिंग इंटर ट्रेनिंग कार्यक्रम भी चल रहा है जिससे जापान की औद्योगिक और व्यावसायिक कुशलता तकनीक और ज्ञान का लाभ हमें मिल सके। हम अन्य देशों के साथ भी इसी तरह के प्रयास करने वाले हैं।
  3. 5. अभिनव एवं अनुसंधान तथा विकास
  4. 126. अपने जुलाई, 2019 के बजट अभिभाषण में हमने एक नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की घोषणा की थी। अब हमने इन 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से इस एनआरएफ की कार्यप्रणाली तैयार कर ली है। इससे देश की संपूर्ण अनुसंधान व्यवस्था मजबूत होगी और अभिज्ञात व राष्ट्रीय प्राथमिकतापरक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित हो सकेगा।
  5. 127. विगत हाल में डिजिटल पेमेंट के मामले में कई गुना वृद्धि हुई है। इस डिजिटल लेन-देन को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हमने एक प्रस्तावित योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं जिससे डिजिटल मोड में भुगतान करने के लिए वित्तीय रूप से प्रोत्साहन दिया जा सकेगा।
  6. 128. हम एक नई पहल – राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (एनटीएलएम) शुरू करने वाले हैं। इससे शासन एवं नीति से संबंधित ज्ञान को भारत की प्रमुख भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
  7. 129. न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) जोकि अंतरिक्ष विभाग का एक सार्वजनिक क्षेत्रीय प्रतिष्ठान है, पीएसएलबी–सीएस51 को लांच करेगा जो अपने साथ ब्राजील का एमाजोनिया उपग्रह भी ले जाएगा और उसके साथ ही भारत के कुछ छोटे-मोटे उपग्रह भी होंगे।
  8. 130. गगनयान मिशन के क्रियाकलाप के अलावा भारत के चार अंतरिक्ष यात्रियों को रूस में जैनेरिक स्पेस फ्लाइट पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मानव रहित पहला लांच दिसम्बर, 2021 में होने वाला है।
  9. 131. हमारे सागर जैविक और गैर-जैविक संसाधनों के भंडार गृह हैं। इस व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने के लिए हम एक गहरा सागर मिशन शुरू करने वाले हैं जिसके लिए अगले पांच वर्षों के लिए 4,000 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय की व्यवस्था की गई है। इस मिशन में गहरे समुद्र में सर्वेक्षण और अन्वेषण के कार्यों को तथा गहरे समुद्र की जैवविविधता के संरक्षण की परियोजनाओं को शामिल किया गया है।
  10. 6. न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन
  11. 132. अध्यक्ष महोदय, अब मैं छह स्तंभों में से आखिरी स्तंभ पर आती हूँ। यह हमारे प्रमुख सिद्धांतों मे से एक सिद्धांत – न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन में सुधारों के लिए योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा।
  12. 133. हमने तीव्रतापूर्वक न्याय देने के लिए विगत छह वर्षों में अधिकरणों के कामकाज में सुधार लाने के लिए कई प्रकार के कदम उठाए हैं। सुधार प्रक्रिया को जारी रखते हुए मैं अब अधिकरणओं के कार्यकरण को तर्कसंगत बनाने के लिए और उपाय करने का प्रस्ताव करती हूं।
  13. 134. हमने 56 सहबद्ध स्वास्थ्य रक्षा वृत्तियों का पारदर्शी और कुशल विनियमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संसद में राष्ट्रीय सहबद्ध वृत्तिक आयोग विधेयक पेश किया है। इसके अतिरिक्त, परिचर्या वृत्ति में पारदर्शिता, कुशलता और अभिशासन सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय परिचर्या और धात्री-विद्या आयोग विधेयक पारित किए जाने हेतु पेश किया जाएगा।
  14. 135. जो लोग सरकार या केंद्रीय लोक उपक्रमों के साथ लेन-देन करते हैं, और संविदाएं निष्पादित करते हैं उनकी व्यापारिक सुगमता के लिए मैं सुलह तंत्र स्थापित करने और संविदात्मक विवादों का शीघ्रतापूर्वक समाधान करने के लिए उसका उपयोग किया जाना अधिदेशित करने का प्रस्ताव करती हूँ। इससे गैर-सरकारी निवेशकों और संविदाकारों का भरोसा बढ़ेगा।
  15. 136. आगामी जनगणना भारत के इतिहास में पहली डिजीटल जनगणना होगी। इस अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं मील का पत्थर साबित होने वाले कार्य के लिए मैंने वर्ष 2021-22 में 3,768 करोड़ रुपये आबंटित किए हैं।
  16. 137. गोवा पुर्तगाली शासन से राज्य की मुक्ति का हीरक जयंती वर्ष मना रहा है। भारत सरकार की ओर से, मैं गोवा सरकार को आयोजनों के लिए 300 करोड़ रुपये का अनुदान देने का प्रस्ताव करती हूँ।
  17. 138. मैं चाय श्रमिकों, विशेषकर असम और पश्चिम बंगाल में महिलाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव करती हूँ। उसके लिए एक विशेष योजना बनाई जाएगी.

राजकोषीय स्थिति

  1. 139. मेरे भाषण (budget 2021 in hindi) के भाग क के इन अंतिम कुछेक अनुच्छेदों में, मैं इस प्रतिष्ठित सदन का ध्यान इस तथ्य की ओर दिलाना चाहूंगी कि चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में, अर्थव्यवस्था पर महामारी के प्रभाव के परिणामस्वरूप राजस्व का अंतर्वाह फीका रहा। यह समाज के आरक्षित वर्गों, विशेषकर निर्धन लोगों, महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को अनिवार्य राहत मुहैया करने के लिए अत्यधिक व्यय किए जाने के साथ मिलकर घटित हुआ।
  2. 140. कई अन्य देशों के उलट हमने महामारी के दौरान मंझोले आकार के पैकेजों की श्रृंखला का रास्ता चुना ताकि हम परिवर्तित होती स्थिति के अनुसार अपना रिस्पांस अंशशोधित और लक्षित कर सकें। जैसे ही स्वास्थ्य स्थिति स्थिर हुई, और लॉकडाउन धीरे-धीरे उठाया जाने लगा हम सरकारी खर्च बढ़ाने में लग गए ताकि घरेलू मांग में प्राण डाली जा सके। इसके परिणामस्वरूप 2020-21 के लिए 30.42 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट अनुमान व्यय की तुलना में हमारा संशोधित अनुमान आकलन 34.50 लाख करोड़ रुपये है। हमने व्यय की गुणवत्ता बनाए रखी है। पूंजीगत व्यय के ब.अ. 2020-21 में 4.12 लाख करोड़ रुपए की तुलना में सं. अ. 2020-21 में 4.39 लाख करोड़ रुपये होने का आकलन किया गया है।
  3. 141. सं.अ. 2020-21 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 9.5 प्रतिशत पर निर्धारित कियागया है। हमने इसका सरकारी उधारियों, बहुपक्षीय उधारियों, लघु बचत निधियों और अल्पावधि उधारियों के माध्यम से निधीयन किया है। हमें और 80,000 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी जिसके लिए हम इन 2 महीनों को बाजार से संपर्क करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अर्थव्यवस्था (budget 2021 in hindi) को जरूरी ताकत मिल सके, 2021-22 में व्यय के लिए हमारा ब.अ. आकलन 34.83 लाख करोड़ रुपये है। इसमें पूंजीगत व्यय के रूप में 5.54 लाख करोड़ रुपये शामिल है। इस तरह, 2020-21 के ब.अ. आंकड़ों पर 34.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई। ब.अ. 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 प्रतिशत होने का अनुमान है। अगले वर्ष के लिए बाजार से सकल उधारी लगभग 12 लाख करोड़ रुपये होगी। हमारी योजना है कि हम राजकोषीय समेकन के अपने पथ पर चलना जारी रखें, और राजकोषीय घाटा स्तर को कम करके 2025-26 तक इस अवधि के दौरान साधारण रूप से स्थिर ह्रास के साथ, जीडीपी के 4.5 प्रतिशत पर लाना चाहते हैं। हम पहले, बेहतर अनुपालन के माध्यम से कर राजस्व में उछाल लाकर, और दूसरे, परिसंपत्तियों, जिनमें लोक उद्यम और भूमि सम्मिलित है, के मुद्रीकरण से प्राप्तियां बढ़ाकरसमेकन हासिल करने की उम्मीद करते हैं। इस विधेयक के माध्यम से भारत की आकस्मिकता निधि 500 करोड़ रुपये बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये की जा रही है।
  4. 142. 15वें वित्त आयोग (budget 2021 in hindi) के अभिमत के अनुसार हम राज्यों के लिए निवल उधारी की सामान्य उच्चतम सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 4 प्रतिशत पर नियत करने की अनुमति दे रहे हैं। इस उच्चतम सीमा का एक हिस्सा वृद्धिपरक पूंजीगत व्यय पर खर्च किए जाने के लिए निर्दिष्ट किया जाएगा। जीएसडीपी के 0.5 प्रतिशत के बराबर की अतिरिक्त उधारी उच्चतम सीमा की शर्तों के अधीन दी जाएगी। राज्यों से अपेक्षा की जाएगी कि वे 2023-24 तक राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3 प्रतिशत तक ले आएं जैसाकि 15वें वित्त आयोग द्वारा सिफारिश की गई है।
  5. 143. जुलाई 2019-20 बजट में, मैंने अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर कथन 27 पेश किया था-उसमें सरकारी/एजेंसियों की उन उधारियों का खुलासा किया गया था जो भारत सरकार की योजनाओं के वित्तपोषण की दिशा में जाती हैं, और जिन्हें चुकाए जाने का बोझ सरकार पर पड़ता है। अपने 2020-21 के बजट में, मैंने सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम को दिए गए ऋणों को शामिल करके कथन के स्कोप और कवरेज का विस्तार कर दिया। इस दिशा में और एक कदम उठाते हुए, सं.अ. 2020-21 मेंऔर ब.अ. 2021-22, मैं बजटीय प्रावधान करके खाद्य सब्सिडी के लिए भारतीय खाद्य निगम को दिए जाने वाले एनएसएसएफ ऋण को बंद करने का प्रस्ताव करती हूँ। अतिरिक्त बजटीय संसाधन विवरण अनुबंध VI पर दिए गए हैं।
  6. 144. हम जानते हैं कि एफआरबीएम अधिनियम अधिदेशित करता है कि जीडीपी के 3 प्रतिशत के बराबर राजकोषीय घाटा 31 मार्च 2020-21 तक हासिल किया जाए। इस वर्ष की अभूतपूर्व एवं अप्रत्याशित परिस्थितियों ने यह जरूरी बना दिया है कि एफआरबीएम अधिनियम की धारा 4(5) और 7(3)(ख) के अंतर्गत विचलन कथन प्रस्तुत किया जाए जिसे मैं एफआरबीएम दस्तावेजों के भाग के रूप में सभा के पटल पर रख रही हूँ।
  7. 145. सामान्य मार्ग, जिसका मैंने पहले ही उल्लेख कर दिया है, के साथ केंद्रीय सरकार के राजकोषीय घाटे को उपार्जित करने के लिए मैं एफआरबीएम अधिनियम में संशोधन पेश करूंगी।
  8. 146. 9 दिसम्बर, 2020 को 15वें वित्त आयोग ने 2021-26 की समयावधि को कवर करते हुए अपनी अंतिम रिपोर्ट राष्ट्रपति जी को प्रस्तुत कर दी। सरकार ने आयोग की रिपोर्ट, राज्यों का ऊर्ध्वमुखी हिस्सा 41 प्रतिशत पर बरकरार रखते हुए व्याख्यात्मक टिप्पणियों के साथसंसद में रख दी है। हम राजकोषीय संघवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं और इसलिए, इस सिफारिश का पालन किए जाने का प्रस्ताव करते हैं। 14वें वित्त आयोग में एक राज्य होने के नाते जम्मू एवं कश्मीर अंतरण का हकदार था। अब जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख संघ राज्य क्षेत्रों को निधियां केंद्र द्वारा प्रदान की जाएंगी। आयोग की सिफारिश पर, मैंने 2021-22 में 17 राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 1,18,452 करोड़ रुपये मुहैया कर दिए हैं जबकि 2020-21 में इसके लिए 14 राज्यों को 74,340 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।

 

भाग

 

147.माननीयअध्यक्षमहोदय, इससमयदुनियामहामारीकेचलतेएकबहुतहीगंभीरचुनौतीऔरउसकेपरिणामीआघातसेजूझरहीहै।ऐसेकठिनसमयमेंजबअधिकांशअर्थव्यवस्थाएंपटरीपरआनेकेलिएसंघर्षकररहीहैं, हमारेलोगोंऔरहमारेउद्योगोंनेअसाधारणसमुत्थान-शक्तिकाप्रदर्शनकियाहै।

  1. जैसाकिमैंनेपहलेभीकहाहै, महामारीकेबादविश्वमेंनईव्यवस्थाउभरतीप्रतीतहोतीहैजिसमेंएशियाप्रमुखहैसियतसेकाबिजहोनेवालाहैऔरइसमेंभारतकीअग्रणीभूमिकाहोगी।इसपरिदृश्यमें, हमारीकरप्रणालीकोपारदर्शीऔरकुशलहोनाहैऔरइसेदेशमेंनिवेशऔररोजगारकोबढ़ावा देना चाहिए।साथही, इसेहमारेकरदाताओंपरकमसेकमबोझडालनेवालाहोनाचाहिए।

 

இயற்றலும் ஈட்டலுங் காத்தலும் காத்த
வகுத்தலும் வல்ல தரசு.

  • திருக்குறள்385

 

A King/Ruler is the one who creates and acquires wealth, protects and distributes it for common good.

  • Thirukkural 385

 

 

 

प्रत्यक्षकरप्रस्ताव- (budget 2021 in hindi)

  1. इसकोध्यानमेंरखतेहुए, हमारीसरकारअपनेकरदाताओंऔरअर्थव्यवस्थाकेलाभकेलिएप्रत्यक्षकरप्रणालीमेंअनेकप्रकारकेसुधारलाईहै।महामारीसेपहले, औरइसकेसाथबिनाकिसीजुड़ावके, हमनेअपनेनिगमकरकीदरकाफीकमकरदीथी,जिससेयहदुनियामेंनिगमकरकीन्यूनतमदरवालेदेशोंमेंशामिलहोगयाहै।लाभांशवितरणकरभीसमाप्तकरदियागया।छोटेकरदाताओंपरकराधानकाबोझबढ़तीछूटोंकेचलतेकमहुआहै।वर्ष 2020 में, आयकररिटर्नभरनेवालोंकीसंख्याअत्यधिकबढ़ोतरीकेसाथ 6.48 करोड़परपहुंचगई।वर्ष 2014 मेंयहसंख्यामात्र 3.31 करोड़थी।
  2. प्रत्यक्षकरप्रशासनमें, हमनेहालहीमेंफेसलेसएसेसमेंटऔरफेसलेसअपीलशुरूकीहै।मेराप्रयासअबकरप्रशासन, वादप्रबंधनकोऔरसरलबनानेऔरकर-अनुपालनकोसहजबनानेकीओरहै।

 

वरिष्ठनागरिकोंकोराहत-(budget 2021 in hindi)

  1. 151. मैंअपनेप्रत्यक्षकरप्रस्तावोंकीशुरुआतअपनेवरिष्ठनागरिकोंकोप्रणामकेसाथकरतीहूं।उनमेंसेअनेकनेअपनीस्वयंकीअनेकबुनियादीजरूरतोंकोत्यागनेकेबावजूद, अपनेदेशकानिर्माणकरनेकीचेष्टाकीहै।
  2. 152. अबअपनेदेशकीस्वतंत्रताके 75वेंवर्षमें, जबहमनएजोशऔरउत्साहकेसाथराष्ट्र-निर्माणमेंलगेहुएहैं, हम 75 वर्षऔरइससेअधिकआयुकेवरिष्ठनागरिकोंपरकर-अनुपालनकाबोझकमकरेंगे।जिनवरिष्ठनागरिकोंकेपासकेवलपेंशनऔरब्याजसेहोनेवालीआयहै, उनकेलिएमैंउन्हेंआयकरविवरणीदर्जकरनेसेछूटदेनेकाप्रस्तावरखतीहूं।भुगतानकर्ताबैंकउनकीआयपरआवश्यककरकीकटौतीकरलेगा।

आयकरकार्यवाहीकेसमयमेंकमीलाना-(budget 2021 in hindi)

  1. 153. माननीयअध्यक्षमहोदय, वर्तमानमें, कर-निर्धारणप्रक्रिया 6 वर्षतकऔरगंभीरकरधोखाधड़ीकेमामलोंमें 10 वर्षतकपुनःखोलीजासकतीहै।इसकेपरिणामस्वरूप, करदाताओंकोलंबेसमयतकअनिश्चितताकेबीचरहनापड़ता।
  2. 154. इसलिए,मैंकर-निर्धारणप्रक्रियाकोपुनःखोलनेकीसमय-सीमाकोमौजूदा 6 वर्षसेघटाकर 3 वर्षकरनेकाप्रस्तावरखतीहूं।करअपवंचनकेगंभीरमामलोंमेंभी, केवलवहांजहांएकवर्षमें 50 लाखरुपयेयाउससेअधिककीआयकोछिपानेकासाक्ष्यहै, कर-निर्धारणको 10 वर्षतकपुनःखोलाजासकताहै।इसतरह, पुनःखोलेजानेकाकार्यभीआयकरविभागकेउच्चतमस्तरकेअधिकारी, प्रधानमुख्यआयुक्तकेअनुमोदनकेबादहीपुनःखोलाजासकताहै।

 

विवादसमाधानसमितिकीस्थापना-(budget 2021 in hindi)

  1. 155. माननीयअध्यक्षमहोदय,यहइससरकारकासंकल्परहाहैकिमुकदमेबाजीकोकमकियाजाए, जिसनेवर्तमानकराधानप्रणालीकोबिगाड़दियाहै।
  2. 156. सरकारकरदाताओंकोलंबेसमयसेलंबितपड़ेअपनेविवादोंकोनिपटानेकाअवसरदेनेऔरसमयऔरसंसाधनोंपरपड़नेवालेअतिरिक्तबोझसेउन्हेंराहतदिलानेकेलिएप्रत्यक्षकरविवादसेविश्वासस्कीमलेकरआईथी।इसस्कीमकोकरदाताओंनेसहर्षस्वीकाराहै। 30 जनवरी, 2021 तक, इसस्कीमकेतहत 1 लाखदस हजार सेअधिककरदाताओंने 85,000 करोड़रुपएसेअधिकमूल्यकेकरविवादोंकोनिपटानेकाविकल्पदियाहै।
  3. 157. छोटेकरदाताओंकेलिएमुकदमेबाजीकोऔरकमकरनेकेउद्देश्यसेमैंविवादसमाधानसमितिगठितकरनेकाप्रस्तावरखतीहूं, जोदक्षता, पारदर्शिताऔरजवाबदेहीसुनिश्चितकरनेकेलिएफेसलेसहोगी। 50लाखरुपयेतककीकर-देयआयऔर 10 लाखरुपएतककीविवादितआयवालाकोईभीव्यक्तिसमितिकीसहायतालेनेकापात्रहोगा।

फेसलेसआईटीएटी-(budget 2021 in hindi)

  1. 158. कर-अनुपालनाकोसरलबनानेकेलिएऔरविवेकाधिकारकोकमकरनेकेलिए, हमकराधानप्रक्रियाओंकोफेसलेसऔरक्षेत्राधिकार-विहीनबनानेकेलिएप्रतिबद्धहैं।सरकारनेइसवर्षपहलेहीफेसलेसकर-निर्धारणऔरअपीलशुरूकरदियाहै।
  2. 159. आयकरअपीलकाअगलास्तरआयकरअपीलीयअधिकरणहोताहै।अबमैंइसअधिकरणकोफेसलेसबनानेकाप्रस्तावकरतीहूं।हमराष्ट्रीयफेसलेसआयकरअपीलीयअधिकरणकेंद्रकीस्थापनाकरेंगे।अधिकरणऔरअपीलकर्ताकेबीचहोनेवालेसारापत्राचारइलैक्ट्रॉनिकहोगा।जहांव्यक्तिगतसुनवाईकीजरूरतपड़तीहै, वहवीडियो-काफ्रेंसिंगकेमाध्यमसेहोगी।

अनिवासीभारतीयोंकोछूट-(budget 2021 in hindi)

  1. 160. जबअनिवासीभारतीयभारतलौटतेहैं, तोअपनेविदेशीसेवानिवृत्तिखातोंमेंउन्हेंप्रोद्भूतआयकोलेकरउनकेकुछसरोकारहोतेहैं।यहसामान्यतयाकराधानअवधियोंमेंमेलनहींखानेकेकारणहोताहै।उन्हेंविदेशीक्षेत्राधिकारोंमेंभारतीयकरोंकेलिएक्रेडिटप्राप्तकरनेमेंभीकठिनाईकासामनाकरनापड़ताहै।मैंइसकठिनाईकोदूरकरनेकेलिएनियमअधिसूचितकरनेकाप्रस्तावकरतीहूं।

लेखापरीक्षासेछूट-(budget 2021 in hindi)

  1. 161. वर्तमानमें, यदिआपकाटर्नओवर 1 करोड़रुपयेसेअधिकहैतोआपकोअपनेखातोंकीलेखापरीक्षाकरानीहोतीहै।फरवरी 2020 केबजटमें, मैंनेउनलोगोंकेलिएकरलेखा-परीक्षाकीसीमा 5 करोड़रुपयेतकबढ़ाईथी,जोअपने 95%लेन-देनडिजीटलआधारपरकरतेहैं।डिजीटललेन-देनकोऔरअधिकबढ़ावादेनेऔरकर-अनुपालनाबोझकमकरनेकेलिए, मैंऐसेव्यव्तियोंकेलिएकरलेखा-परीक्षाकीसीमाको 5 करोड़रुपयेसेबढ़ाकर 10 करोड़रुपयेकरनेकाप्रस्तावरखतीहूं।

लाभांशकेलिएराहत-(budget 2021 in hindi)

  1. 162. पिछलेबजटमें, मैंनेनिवेशकोबढ़ावादेनेकेलिएलाभांशवितरणकर (डीडीटी) कोसमाप्तकरदियाथा।लाभांशशेयरधारकोंकेहाथोंमेंकर-देयबनादियागयाथा।अबकर-अनुपालनकीसुगमताकेलिएमैंआरईआईटी/इनविटमेंलाभांशकेभुगतानकोस्रोतपरकरकटौती (टीडीएस) सेछूटप्रदानकरनेकाप्रस्तावरखतीहूं।इसकेअतिरिक्त, चूंकिअग्रिमकरकाभुगतानकरनेकेलिएशेयरधारकोंद्वारालाभांशआयकीराशिकाठीकसेअनुमाननहींलगायाजासकता, इसलिएमैंयहप्रावधानकरनेकाप्रस्तावकरतीहूंकिलाभांशआयपरअग्रिमकरकीदेयतालाभांशकीघोषणाउसकेभुगतानकेबादहीउत्पन्नलेगी।इसकेअलावा, विदेशीसंस्थागतनिवेशकोंकेलिए, मैंलाभांशआयपरकमतरसुलहदरपरकरकीकटौतीकरनेकाप्रस्तावकरतीहूं।

अवसंचनाक्षेत्रमेंविदेशीनिवेशकोआकर्षितकरना

  1. 163. पिछलेबजटमें, अवसंरचनाक्षेत्रमेंविदेशीनिवेशकोआकर्षितकरनेकेलिएहमनेविदेशीसॉवरेनवेल्थफंडसऔरपेंशनफंड्सकोभारतीयअवसंरचनामेंनिवेशसेहोनेवालीउनकीआमदनीपरकतिपयशर्तोंकेअध्यधीन, 100%करछूटदीथी।हमनेयहपायाहैकिऐसीकुछनिधियांइनमेंसेकुछशर्तोंकोपूराकरनेमेंकठिनाईकासामनाकररहीहैं।यहसुनिश्चितकरनेकेलिएकिबड़ीसंख्यामेंफंड्सभारतमेंनिवेशकरे, मैंप्राइवेटनिधीयनपरनिषेध, व्यावसायिकगतिविधियोंऔरअवसंरचनामेंप्रत्यक्षनिवेशपरप्रतिबंधसेसंबंधितइनमेंसेकुछशर्तोंमेंढ़ीलदेनेकाप्रस्तावकरतीहूं।
  2. 164. जीरोकूपनबॉण्डजारीकरकेअवसंरचनामेंवित्तपोषणकीअनुमतिदेनेकेलिए, मैंअधिसूचितअवसंरचनाऋणनिधियोंकोइसबातकेलिएपात्रबनानेकाप्रस्तावकरतीहूंताकिवेकरकुशलजीरोकूपनबॉण्डजारीकरकेनिधिजुटानेमेंसक्षमहोसकें।

किफायतीआवास/किराया आवास

  1. 165. यहसरकार “सभीकेलिएआवास”औरकिफायतीआवासकोप्राथमिकताक्षेत्रकेरूपमेंदेखतीहै।पिछलेबजटमें, मैंनेकिफायतीआवासखरीदनेहेतुलिएगएऋणकेलिए, 1.5 लाखरुपएकीधनराशितक, ब्याजमेंअतिरिक्तकटौतीकाप्रावधानकियाथा।मैंइसकटौतीकीपात्रताऔरएकवर्षअर्थात् 31 मार्च, 2022 तकबढ़ानेकाप्रस्तावकरतीहूं।इसतरह, 1.5 लाखरुपएकीअतिरिक्तकटौती, किफायतीआवासखरीदनेकेलिए 31 मार्च, 2022 तकलिएगएऋणोंकेलिएउपलब्धहोगी।
  2. 166. इसकेअलावा, किफायतीआवासकीआपूर्तिबनाएरखनेकेलिए, मैंप्रस्तावकरतीहूंकिकिफायतीआवासपरियोजनाएंऔरएकवर्षअर्थात् 31 मार्च, 2022 तककरअवकाशकालाभउठासकतीहैं।
  3. 167. हमउम्मीदकरतेहैंकिप्रवासीमजदूरोंकेलिएकिफायतीकिराएकेआवासकीआपूर्तिकोबढ़ावामिलेगा।इसकेलिए, मैंअधिसूचितकिफायतीकिरायाआवासपरियोजनाओंकेलिएकरमेंछूटकीअनुमतिदेनेकाप्रस्तावकरतीहूं।

अंतर्राष्ट्रीयवित्तसेवाकेन्द्र (आईएफएससी) कोकरप्रोत्साहन

  1. 168. जैसाकिमैंनेइसभाषणकेभाग “क”मेंउल्लेखकिया, सरकारअंतर्राष्ट्रीयवित्तसेवाकेन्द्र (आईएफएससी) कोजीआईएफटीसिटीमेंएकवैश्विकवित्तीयहबबनानेकेलिएप्रतिबद्धहै।पहलेसेदिएगएकरप्रोत्साहनोंकेअलावा, मैं, अन्यबातोंकेसाथ-साथ, एयरक्राफ्टलीजिंगकम्पनियोंकीआयसेपूंजीलाभकेलिएकरअवकाश, विदेशीपट्टाकर्ताओंकोदिएगएएयरक्राप्टपट्टाकिराएकेलिएकरछूट, आईएफएससीमेंविदेशीनिधियांलेजानेकेलिएकरप्रोत्साहन; औरआईएफएससीमेंस्थितविदेशीबैंकोंकेनिवेशप्रभागकोकरछूटकीअनुमतिशामिलकरनेकाप्रस्तावकरतीहूं।

 

 

विवरणियोंकापहलेसेभराहोना

  1. 169. अध्यक्षमहोदय, करदाताओंकीअनुपालनासुगमताकेलिए, वेतनआय, करभुगतान, टीडीएसआदिकेब्यौरेकरविवरणीमेंपहलेसेहीभरेहुएआतेहैं।कर-विवरणीभरनाऔरआसानबनानेकेलिएसूचीबद्धप्रतिभूतियोंसेपूंजीलाभ, लाभांशआय, औरबैंकों, पोस्टऑफिस, आदिसेप्राप्तब्याजकेब्यौरेभीपहलेसेभरेहुएहोंगे।

छोटेन्यासोंकोराहत

  1. 170. हमछोटेस्कूलऔरअस्पतालकोचलानेवालेलघुसेवार्थन्यासोंपरअनुपालनकाबोझकमकरनेकीउम्मीदकरतेहैं।अभीतकऐसीसंस्थाओंकोपूरीतरहछूटमिलीहुईहैजिनकीवार्षिकप्राप्ति 1 करोड़रुपएसेअधिकनहो।अब, मैंइसराशिको 5 करोड़रुपएतकबढ़ानेकाप्रस्तावकरतीहूं।

श्रमिककल्याण

  1. 171. हमनेपायाहैकिकुछनियोक्ताभविष्यनिधि, अधिवर्षितानिधिइत्यादिकेतहतकर्मचारीअंशदानकीकटौतीकरलेतेहैं, परन्तुउनअंशदानोंकोनिर्धारितसमयकेभीतरजमानहींकरतेहैं।इससेकर्मचारियोंकोब्याजयाआयकीहानिहोतीहै।ऐसेमामलोंमें, जहांनियोक्तावादमेंवित्तीयरूपसेअक्षमहोजाताहै, वहांअंशदानजमानकरनेकेकारणकर्मचारियोंकोस्थायीनुकसानहोजाताहै।
  2. 172. यहसुनिश्चितकरनेकेलिएकिकर्मचारियोंकाअंशदानसमयपरजमाहो, मैंफिरसेकहतीहूंकिनियोक्ताद्वाराकर्मचारीअंशदानकोविलंबसेजमाकिएजानेकीनियोक्ताकीकटौतीकेरूपमेंकभीभीअनुमतिनहींदीजाएगी।

स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन

  1. 173. देशमेंस्टार्ट-अप्सकोप्रोत्साहितकरनेकेलिए, मैंस्टार्ट-अप्सकेलिएकरअवकाशकादावाकरनेकीपात्रताऔरएकवर्षअर्थात् 31 मार्च, 2022 तकबढ़ानेकाप्रस्तावकरतीहूं।इसकेअलावा, स्टार्ट-अप्समेंफंडिंगप्रोत्साहितकरनेकेलिए, मैंस्टार्ट-अप्समेंनिवेशकरनेकेलिएपूंजीलाभछूटकोऔरएकवर्षअर्थात् 31 मार्च, 2022 तकबढ़ानेकाप्रस्तावकरतीहूं।

 

 

 

अप्रत्यक्षकरप्रस्ताव

जीएसटी

  1. 174. इससेपहलेकिमैंअपनेअप्रत्यक्षकरप्रस्तावपरआऊँ, मैंसदनकोजीएसटीकेबारेमेंबतानाचाहूंगी।जीएसटीअबचारवर्षपुरानाहोगयाहै, औरइसेऔरसरलबनानेकेलिएहमनेअनेकउपायकिएहैं।कुछउपायइसप्रकारहैं:

(i) एसएमएसकेमाध्यमसेशून्यरिटर्न

(ii) छोटेकरदाताओंकेलिएतिमाहीरिटर्नऔरमासिकभुगतान,

(iii) इलेक्ट्रॉनिकबीजकप्रणाली,

(iv) अधिप्रमाणितइनपुटकरविवरण,

(v) पहलेसेभराहुआसम्पादन-योग्यजीएसटीरिटर्न; और

(vi) अलग-अलगसमयपररिटर्नकाभराजाना।

जीएसटीएनप्रणालीकीक्षमताभीबढ़ादीगईहै।हमनेविशेषअभियानचलाकरकरवंचकोंऔरजालीबिलनिर्माताओंकीपहचानकरनेकेलिएडीपएनेलिटिक्सऔरकृत्रिमइंटेलीजेंसकाभीइस्तेमालकियाहै।

  1. 175. परिणामस्वयंबोलतेहैं।हमनेपिछलेकुछमहीनोंमेंरिकॉर्डकलेक्शनकियाहै।
  2. 176. जीएसटीकाउंसिलनेबड़ेपरिश्रमसेजटिलसमस्याओंकासमाधानकियाहै।इसकाउंसिलकीअध्यक्षाकेरूपमें, मैंसदनकोआश्वस्तकरनाचाहतीहूंकिहमजीएसटीकोऔरसुचारूबनानेतथाप्रतिलोमीशुल्कसंरचनाजैसीविसंगतियोंकोदूरकरनेकेलिएसभीसंभवउपायकरेंगे।

सीमाशुल्ककोयुक्तिसंगतबनाना

  1. 177. हमारीसीमा-शुल्कनीतिकेदोउद्देश्यहोनेचाहिएः- पहलाघरेलूविनिर्माणकोबढ़ावादेनाऔरदूसराभारतकोवैश्विकमूल्यश्रृंखलामेंशामिलहोनेदेना तथाअधिकनिर्यातकरनेमेंमददकरना।अबकच्चीसमाग्रियोंकीसुलभतातथामूल्यसंवर्धितउत्पादोंकेनिर्यातकोआसानबनानेपरजोर दिया जाताहै।
  2. 178. इसदिशामें, पिछलेवर्षहमने 80 पुरानीरियायतोंकोसमाप्तकरतेहुएसीमा-शुल्कसंरचनाकीपूरीतरहसेजांचकरनेकाकार्यशुरूकरदियाहै।मैंउनसभीलोगोंकोभीधन्यवाददेतीहूंजिन्होंनेइसपुनर्विलोकनपरसुझावदेनेकेलिएक्रॉउडसोर्सिंगकॉल्सपरबड़ेउत्साहकेसाथजवाबदिया।मैंअबइसवर्ष 400 सेअधिकपुरानीरियायतोंकीसमीक्षाकरनेकाप्रस्तावकरतीहूं।हमइसेव्यापकरूपसेपरामर्शकरकेकरेंगेऔर1 अत्तूबर, 2021 से, हमविकृतियोंसेमुव्तसंशोधितसीमा-शुल्कसंरचनास्थापितकरेंगे।मैंयहप्रस्तावभीकरतीहूंकिअबसेसीमा-शुल्कमेंकोईनईरियायतइसकेजारीहोनेकीतारीखसेदोवर्षोंकेबाद 31 मार्चतकवैधहोगी।

इलेक्ट्रानिकएवंमोबाइलफोनउद्योग

  1. 179. धरेलूइलेक्ट्रॉनिकविनिर्माणमेंतीव्रगतिसेविकासहुआहै।अबहममोबाइलऔरचार्जरजैसीवस्तुओंकानिर्यातकररहेहैं।वृहत्तरघरेलूमूल्यवर्धनकेलिए, हमचार्जरोंकेकल-पुरजोंऔरमोबाइलकेसब-पार्ट्ससेकुछरियायतेंवापसलेरहेहैं।इसकेअलावा, मोबाइलकेकुछकल-पुरजे “शून्य”दरसेसाधारण5%मेंचलेजाएंगे।

लोहाऔरस्टील

  1. 180. लोहाऔरइस्पातकीकीमतोंमेंहालहीमेंहुईतीव्रबढ़ोतरीकेकारणएमएसएमईऔरअन्यप्रयोक्ताउद्योगोंकोकाफीआघातपहुंचाहै।इसलिएहमगैर-मिश्रधातु, मिश्रधातुऔरस्टेनलैसस्टीलकेअर्ध, एकसमानतथालम्बेउत्पादोंपरसीमाशुल्कएकसमानरूपसे5%करकेसीमाशुल्ककमकररहेहैं।धातुकापुनर्चक्रणकरनेवालों, जोअधिकांशएमएसएमईकोराहतदेनेकेलिए, मैंस्टीलस्क्रैपपरशुल्कमें 31 मार्च, 2022 तककीअवधिकेलिएछूटदेरहीहूं।इसकेअलावा, मैंकुछस्टीलउत्पादोंपरएडीडीऔरसीवीडीकाभीप्रतिसंहरणकररहीहूं।इसकेअतिरिक्त, तांबापुनर्चक्रकोंकोराहतप्रदानकरनेकेलिए, मैंतांबास्क्रैपपरशुल्क 5%सेघटाकर 2.5%कररहीहूं।

वस्त्र

  1. 181. वस्त्रक्षेत्ररोजगारसृजनकरताहैऔरअर्थव्यवस्थामेंउल्लेखनीयरूपसेयोगदानदेताहै।हस्तनिर्मितवस्त्रमेंकच्चेमालकीनिविष्टियोंपरशुल्ककोयुव्तिसंगतकिएजानेकीआवश्यकताहै।अबहमनायलनचेनकोपॉलीस्टरऔरमानवनिर्मितअन्यरेशेकेबराबरलारहेहैं।हमकैप्रोलैक्टम, नायलनचिप्सऔरनायलनफाइबरतथाधागेपरबीसीडीदरोंकोएकसमानरूपसेघटाकर 5%कररहेहैं।इससेवस्त्रउद्योग, एमएसएमईतथानिर्यातमेंभीमददमिलेगी।

 

रसायन

  1. हमनेरसायनोंपरसीमा-शुल्कदरोंकोअंशशोधितकियाहैताकिघरेलूमूल्यवर्धनकोप्रोत्साहनमिलेऔरप्रतिलोमनोंकोहटायाजासके।उदाहरणस्वरूप, प्रतिलोमनकोठीककरनेकेलिएहमनाप्थापरसीमाशुल्ककोघटाकर 2.5%कररहेहैं।

सोनाएवंचांदी

  1. वर्तमानमें, सोनाऔरचांदीपर 12.5%सीमाशुल्कलगायाजाताहै।चूंकिजुलाई, 2019 मेंशुल्क 10%सेबढ़ादियागयाथा, इसलिएकीमतीधातुओंकेमूल्यमेंतीव्रवृद्धिहुई, इसेपिछलेस्तरोंकेसमीपलानेकेलिएहमसोनाऔरचांदीपरसीमाशुल्ककोयुक्तिसंगतबनारहेहैं।

नवीकरणीयउर्जा

  1. भागकमें,हमनेपहलेहीस्वीकारकियाहैकिभारतमेंसौरऊर्जाकीअपारसंभावनाहै।घरेलूक्षमतातैयारकेलिए, हमसोलरसेलऔरसोलरपैनलोंकेलिएचरणबद्धविनिर्माणयोजनाअधिसूचितकरेंगे।वर्तमानमें, घरेलूउत्पादनकोप्रोत्साहितकरनेकेलिए, हमसोलरइनवर्टनरोंपरशुल्कको 5% सेबढ़ाकर 20% औरसोलरलालटेनपर 5% सेबढ़ाकर 15% कररहेहैं।

पूंजीगतउपस्कर और ऑटो पाट्रर्स

  1. देशमेंभारीपूंजीगतउपस्करकाघरेलूरूपसेविनिर्माणकरनेकीअपारसंभावनाहै।हमदरसंरचनाकीयथासमयविस्तारसेसमीक्षाकरेंगे।हालांकिहमकुछमदोंपरशुल्कदरोंमेंतुरन्तसंशोधनकररहेहैं।हमटनलबोरिंगमशीनपरछूटवापिसलेनेकाप्रस्तावरखतेहैं।इसमें 7.5% कासीमाशुल्कलगेगाऔरइसकेपुर्जोंपर 2.5% कासीमाशुल्कलगेगा।हमकुछऑटोपार्ट्सपरसीमाशुल्ककोबढ़ाकर 15% कररहेहैंताकिउन्हेंऑटोपार्ट्सपरसामान्यदरकेबराबरलायाजासके।

एसएसएमईउत्पाद

  1. 186. हमएमएसएमईकोलाभान्वितकरनेकेलिएकुछबदलाबलानेकाप्रस्तावरखरहेहैं।हमस्टीलस्क्रूऔरप्लास्टिकबिल्डरवेयरपरशुल्कको 10% सेबढ़ाकर 15% कररहेहैं।हमप्रॉनफीडको 5% सेबढ़ाकर 15% कररहेहैं।हमपरिधान, चमड़ाऔरहैंडिक्रॉफ्टकेनिर्यातकोंकोप्रोत्साहितकरनेंकेलिएशुल्क-मुक्तवस्तुओंकेनिर्यातपरछुटकोयुक्तिसंगतबनारहेहैं।इनमेंसेलगभगसभीसामानहमारेएमएसएमईद्वाराघरेलूरूपसेबनाएजातेहैं।हमकुछविशेषप्रकारकेचमड़ेकेआयातपरछूटकोवापिसलेरहेहैंक्योंकिउनकाअधिकांशतःएमएसएमईद्वाराबहुतायतमात्राएवंगुणवत्तामेंघरेलूरूपसेउत्पादनकियाजाताहैताकिउनकेघरेलूप्रसंस्करणकोप्रोत्साहितकियाजासके।हमनिर्मितसिंथेटिकजेमस्टोनपरसीमाशुल्ककोबढ़ारहेहैं।

कृषिउत्पाद

  1. 187. कृषकोंकोलाभपहुंचानेकेलिए, हमकपासपरसीमाशुल्ककोशून्यसेबढ़ाकर 10% औरकच्चारेशमओररेशमसूतपर 10% सेबढ़ाकर 15% कररहेहैं।हमडीनेचर्डइथाइलअल्कोहलपरउद्दीष्टउपयोगआधारितछूटभीवापसलेरहेहैं।वर्तमानमें, मकईचोकर, राइसब्रानऑयलकेकऔरएनिमलफीडएडीटिवजैसीवस्तुओंपरदरेंएकसमानरूपसे 15% परहै।
  2. 188. कृषिगतअवसंरचनामेंसुधारकिएजानेकीतत्कालआवश्यकताहैताकिकृषिगतआउटपुटकोकुशलतापूर्वकपरिरक्षितऔरसुसंस्कृतकरतेहुएहमअधिकउत्पादनकरसकें।इससेहमारेकिसानोंकेपारिश्रमिकमेंवृद्धिसुनिश्चितहोगी।इसउद्देश्यसेसंसाधननिर्धारितकरनेकेलिए, मैंथोड़ीसंख्यामेंवस्तुओंपरकृषिगतअवसंरचनाऔरविकासउपकर (एआईडीसी) काप्रस्तावकरतीहूं।हालांकियहउपकरलगातेसमयहमनेयहध्यानरखाहैकिअधिकांशकेसंबंधमेंउपभोक्ताओंपरकोईअतिरिक्तभारनपड़े।

प्रक्रियाओंकोयुक्तिसंगतबनानाऔरअनुपालनकोआसानबनाना

  1. 189. उनकेन्यायसंगतअनुप्रयोगकेलिए, हमएडीडीऔरसीवीडीलेवीसेसंबंधितप्रावधानोंमेंकुछबदलावकरनेकाप्रस्तावकरतेहैं।सीमाशुल्कजांचपूरीकरनेकेलिएहमनिश्चितसमय-सीमानिर्धारितकररहेहैं। 2020 में, हमनेतुरंतसीमाशुल्कपहललागूकीथीजिससेफेसलेस, कागजरहितऔरसम्पर्करहितसीमाशुल्कउपायलाएगए।सितम्बर, 2020 सेहमनेरूल्सऑफऑरिजिनप्रशासनकेलिएएकनईप्रक्रियाशुरूकीहै।इससेएफटीएकेदुरुपयोगकोअंकुशलगानेमेंमददमिलीहै।
  2. 190. प्रत्यक्षऔरअप्रत्यक्षकरोंमेंप्रस्तावितबदलावोंसेसंबंधितविशिष्टब्यौरेमेरेभाषणकेअनुबंधमेंसूचीबद्धहैं।
  3. अध्यक्ष महोदय, इन शब्दों के साथ, मैं इस प्रतिष्ठित सदन को बजट सौंपती हूं।

 

बजट भाषण का अनुबंध

 

. सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में विधायी परिवर्तन;

 

  1. सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 में प्रमुख संशोधनः

 

क्र.सं. संशोधन
. ड्वेल टाइम कम करना और ईओडीबी (व्यापार सुविधा)
1. इस बात को अनिवार्य बनाने के लिए प्रस्ताव किया जा रहा है कि माल के पहुंचने वाले दिन के पहले दिन के समाप्त होने के पहले-पहले बिल ऑफ इंट्री को दायर कर दिया जाए। (धारा 46)
2. आयातक/निर्यातक के द्वारा स्वसंशोधन के आधार पर किए जाने वाले विशेष संशोधनों को भी अनुमति देने का प्रस्ताव किया जा रहा है। इसके पहले सभी संशोधनों को अधिकारी के द्वारा अनुमोदित किया जाना होता था। (धारा 149)
3. कागज रहित कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए इस बात के लिए प्रस्ताव किया जा रहा है कि नोटिस, आदेश आदि को सर्व करने के लिए सामान्य पोर्टल के प्रयोग को स्वीकार किया जाए और सीमा शुल्क के साथ बातचीत करने हेतु ऐसे पोर्टल को वन पाइंट डिजीटल इंटरफेस के रूप में काम करने की अनुमति दी जाए।
. कार्यक्षमता और उत्तरदायित्व
1. कानून में एक नया प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है जिसके अनुसार सीमा शुल्क अधिनियम में दी गई सभी शर्तपरक छूट, यदि इनको अन्यथा विनिर्दिष्ट न किया गया हो या इसमें बदलाव न किया गया हो या इनको निरसित न किया गया हो, ऐसे अनुदान या वैरियेशन को जारी किए जाने की तारीख से तत्काल 2 वर्ष पश्चात आने वाले 31 मार्च को समाप्त हो जाएंगी। (सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 25)
2. एक नई धारा 28बीबी को भी जोड़े जाने का प्रस्ताव है जिसका उद्देश्य जांच कार्यों को पूरा करने के लिए कुछ छूटों के साथ-साथ दो वर्ष की समयावधि निर्धारित करना है।
. कर अनुपालन में सुधार
1. एक नया प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव है जिससे कि रेमीशन या रिफंड का गलत दावा करके किसी माल का निर्यात किए जाने पर उसको जब्त किया जा सके। [सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 113 में एक उप-धारा (जेए) को जोड़ा जा रहा है।]
2. सीमा शुल्क अधिनियम में एक नया प्रावधान (धारा 114एसी) जोड़ा जा रहा है जिससे कि उन विशिष्ट मामलों में दंड लगाया जा सके जिसमें कोई व्यक्ति धोखाधड़ी से इनवाइस का प्रयोग करके माल के निर्यात पर कर या शुल्क के रिफंड का दावा करता हो।
जब्त सोने का निपटान
1. सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 110 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया जा रहा है जिससे कि जब्त सोने के निपटान पूर्व परीक्षण की प्रक्रिया में संशोधन किया जा सके ताकि इसका निपटान शीघ्र हो सके।

 

  1. सीमा शुल्क टेरिफ अधिनियम, 1975 में संशोधन
क्र.सं. संशोधन
सीमा शुल्क टेरिफ अधिनियम, 1975 की प्रथम अनुसूची में संशोधन
1. सीमा शुल्क टेरिफ अधिनियम, 1975 की प्रथम अनुसूची में एचएसएन 2022 संशोधनों के अनुसार संशोधन किए जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है ये संशोधन 01.01.2022 से लागू होंगे।

इसके अलावा कुछ नई टैरिफ लाइंस भी तैयार की जा रही हैं।

ख. एंटी टंपिंग ड्यूटी (एडीडी), काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) और रक्षोपायों से संबंधित प्रावधानों में संशोधन
1. एडीडी, सीवीडी (सीमा शुल्क टेरिफ अधिनियम की धारा 9, 9ए और संबंधित नियम) से संबंधित प्रावधानों में निम्नलिखित संशोधन किए जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है जो निम्नलिखित से संबंधित हैं–

(i) एंटी सर्कमवेशन इन्वेस्टीगेशन के शुरू होने की तारीख से शुल्क लगाया जाना;

(ii) एंटी एब्जोर्प्शन के प्रावधान;

(iii) एक बार में 5 वर्ष तक की अवधि के लिए ऐसी समीक्षा पर ऐसे शुल्कों को लगाया जाना;

(iv) घरेलू टैरिफ एरिया में क्लियर की गई है, वस्तुओं के विनिर्माण के लिए ईओयू और एसईजेड के द्वारा प्रयोग किए जाने वाले इनपुट (जिनसे एडीडी और सीवीडी लगता हो) पर एडीडी/सीवीडी को लगाये जाने से संबंधित एक समान प्रावधान;

(v) जहां कहीं भी किसी विशेष एडीडी या सीवीडी को अस्थायी रूप से वापस लिया जाता हो वहां ऐसी अस्थायी वापसी एकबार में एक साल से अधिक नहीं होना चाहिए;

(vi) समीक्षाधीन एडीडी के समाप्त होने के कम से कम तीन महीने पूर्व विनिर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा समीक्षा प्रक्रिया की जांच में अपने अंतिम निष्कर्षों को एडीडी/सीवीडी में जारी करना (1 जुलाई, 2021 से लागू);

संबंधित नियमों में क्र.सं. (vi) के संशोधन किए जा रहे हैं और बाकी अन्य परिवर्तन सीमा शुल्क ट्रेरिफ अधिनियम में किए जा रहे हैं।

2. रक्षोपाय नियमावली में भी संशोधन किया जा रहा है जिससे कि ऐसी बढ़ी हुई मात्रा में आयात किए जाने के मामलों में, जिनसे घरेलू उद्योग को क्षति होती हो, जांच किए जाने के तरीके और प्रक्रिया को विनिर्दिष्ट किया जा सके और सेफगार्ड टीआरक्यू को लागू किया जा सके।

 

  1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 में संशोधन
1. ∙ विश्व सीमा शुल्क संगठन के द्वारा हार्मोनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेनक्लेचर (एचएसएन) की समीक्षा किए जाने के परिणामस्वरूप नई टैरिफ लाइन्स को जोड़ना

∙ क्लेरीफिकेटरी प्रकृति की सूची में भी कुछ छोट-मोटे परिवर्तन किए जा रहे हैं।

 

 

  1. सीमा शुल्क नियमावली में संशोधन;

एक व्यापारिक सुविधा उपाय के रूप में सीमा शुल्क (शुल्क की रियायती दर पर माल का आयात) नियमावली, 2017 (आईजीसीआर) को तैयार किया जा रहा है जिससे कि निम्नलिखित कार्यों कोसुविधाजनक बनाया जा सके।

  • आईजीसीआर के अंतर्गत आयातित वस्तुओं (बहुमूल्य धातुओं को छोड़कर) पर जॉब वर्क
  • आईजीसीआर के अंतर्गत आयातित पूंजीगत वस्तुओं का ह्रास मूल्य पर सीमा शुल्क का भुगतान किए जाने पर क्लियरेंस।

 

सीमा शुल्क की दरों में परिवर्तन

 

  1. किसानों, एमएसएमई और अन्य घरेलू विनिर्माताओं के लाभ के लिए बराबरी का अवसर देने के लिए आधारभूत सीमाशुल्क में परिवर्तन (02.02.2021 से लागू):

 

क्र.सं. श्रेणी विशेष मद शुल्क दर
से तक
1. कृषि उत्पाद और मत्स्यिकी क्षेत्र कॉटन 0 5%
कॉटन वेस्ट शून्य 10%
रॉ सिल्क (जो फेंका न गया हो) और सिल्क यार्न/यार्न जोकि सिल्क वेस्ट से तैयार किया गया हो 10% 15%
उत्पाद शुल्क वाली वस्तुओं के विनिर्माण के लिए डीनेचर्ड इथाइल एल्कोहल (एथानोल) 2.5% 5%
प्रान फीड 5% 15%
फिश फीड, गोलियों के रूप में 5% 15%
मछलियों, क्रस्टैशिएन, मोलास्क और अन्य जलीय गैर कशेरूकी जंतुओं के लिए आटा, आहार और गोलियां 5% 15%
मेज ब्रान शून्य 15%
डीआयल्ड राइस ब्रान केक शून्य 15%
2. रसायन कार्बन ब्लैक 5% 7.5%
बिस-फैनॉल ए शून्य 7.5%
इपिक्लोरोहाइड्रिन 2.5% 7.5%
3. प्लास्टिक बिल्डर्स के प्लास्टिक वेयर जिनका अन्य कहीं उल्लेख न किया गया हो या उनको शामिल न किया गया हो 10% 15%
पोलिकार्बोनेट्स 5% 7.2%
4. चमड़ा वेट ब्लू क्रॉम टैन्ड लेदर, क्रस्ट लेदर, सभी प्रकार के पूर्णतः तैयार लेदर, जिनमें उनके स्पिल्ट्स और स्लाइड्स भी शामिल हैं शून्य 10%
5. नग और आभूषण कट एंड पॉलिश्डक्यूविकजिरकॉनिया 7.5% 15%
सिंथेटिक कट एंड पॉलिश्ड स्टोन 7.5% 15%
6. पूंजीगत माल और मशीनरी टनल बोरिंग मशीन्स शून्य 7.5%
टनल बोरिंग मशीन्स के विनिर्माण के पार्ट और कंपोनेटंस शून्य 2.5
7. ऑटो सेक्टर विशिष्ट ऑटो पार्ट जैसे कि इंग्नीशन वायरिंग सेट्स, सेफ्टी गिलास, सिंग्नलिंग उपकरणों के पार्ट्स, आदि 7.5%/10% 15%
8. धातु उत्पाद स्क्रू, नट्स आदि 10% 15%

*5 प्रतिशत की दर से कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर लगाने के लिए भी।

 

  1. इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क में परिवर्तन (2.2.2021 से, जब तक अन्यथा विनिर्दिष्ट न हो)

 

क्र.सं. विवरण से तक
1. मोबाइस फोन के विनिर्दिष्ट पुर्जें के निर्माण हेतु इन्पुट्स, पुर्जे अथवा उप पुर्जे, सहितः

(1) प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड एसेम्बली (पीसीबीए)

(2) कैमरा मॉड्यूल

(3) कनेक्टर्स

[01.04.2021 से लागू]

 

 

0

0

0

 

 

2.5%

2.5%

2.5%

2. प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड एसेम्बली (पीसीबीए) और चार्जर अथवा एडाप्टर के निर्माण के लिए मोल्ड किया गया प्लास्टिक 10% 15%
3. मोबाइल चार्जर का इन्पुट्स और पुर्जे (पीसीबीए और मोल्ड किया हुआ प्लास्टिक के अलावा) शून्य 10%
4. लीथियम-आयन बैटरी और बैटरी पैक के निर्माण के लिए इन्पुट्स, पुर्जे और उप-पुर्जे (पीसीबीए तथा लीथियन आयन सेल के अलावा) (01.04.2021 से) 0 2.5%
5. रेफ्रिजरेटर/एयर कंडिश्नर का कम्प्रेशर 12.5% 15%
6. विनिर्दिष्ट रोधित तार एवं केबल 7.5% 10%
7. ट्रान्सफार्मर के विशेष पुर्जे जैसे बॉविन्स, ब्रैकेट्स, तार आदि शून्य
8. एलईडी लैम्प सहित एलईडी लाइट या फिक्सचर के इनपुट्स और पुर्जे 5% 10%
9. सौर इन्वर्टर 5% 20%
10. सौर लालटेन या सौर लैम्प 5% 15%

 

 

  1. इन्पुट्स की लागत में कमी करने तथा प्रतिलोमित शुल्क संरचना में सुधार करने हेतु घरेलू निर्माताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले कच्चे माल और इन्पुट्स के सीमा शुल्क में परिवर्तनः

 

क्र.सं. इन्पुट्स/कच्चा माल (सेक्टर के लिए) विशिष्ट सामग्री शुल्क दर
से तक
1. पेट्रोकेमिकल उद्योग नाफ्था 4% 2.5%
2. वस्त्र उद्योग कैप्रोलैक्टम 7.5% 5%
नायलोन चिप्स 7.5% 5%
नायलन फाइबर और धागा 7.5% 5%
3. लौह और अलौह धातुएं स्टैनलैस स्टील मेल्टिंग स्क्रैप सहित स्टैनलैस स्टील स्क्रैप (31.3.2022 तक) 2.5% शून्य
गैर एलॉय स्टील के प्रारंभिक/अर्धनिर्मित उत्पाद 10% 7.5%
गैर एलॉय और एलॉय-स्टील के फ्लैट उत्पाद 10%

12.5%

7.5%
गैर एलॉय, स्टैनलेस और एलॉय स्टील के लम्बे उत्पाद 10% 7.5%
सीआरजीओ स्टील के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल 2.5% शून्य
तांबा स्क्रैप 5% 2.5%
6. विमानन क्षेत्र रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों द्वारा हवाई जहाज के निर्माण के लिए इंजन सहित संघटक या कलपूर्जे 2.5% 0%
7. कीमती धातु सोना तथा चांदी* 12.5% 7.5%*
सोना डोरे बार* 11.85% 6.9*
चांदी डोरे बार* 11% 6.1*
प्लैटिनम, पैलीडम आदि 12.5% 10%
सोना/सिल्वर फाइंडिंग्स 20% 10%
कीमती धातुओं के वेस्ट और स्क्रैप 12.5% 10%
स्पैन्ट कैटेलिस्ट या ऐश जिसमें कीमती धातुएं 11.85% 9.2%
कीमती धातुओं के सिक्के 12.5% 10%
8. पशुपालन फीड एडिटिव्स अथवा प्री मिक्सेस 20% 15%

 

* इसके अतिरिक्त, 2.5 प्रतिशत की दर से कृषि अवसंरचना तथा विकास उपकर लगाया जाए।

  1. निम्नलिखित सामानों पर बीसीडी दरों को कम किया गया है तथा इन पर कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर लगाया गया है ताकि कुल मिलाकर उपभोक्ता पर अधिकांश सामानों के शुल्क का अतिरिक्त भार न पड़े। ऐसे सामानों पर मौलिक सीमा शुल्क की संशोधित दर निम्नानुसार हैः

 

सामग्री संशोधित मौलिक सीमा शुल्क दर*
सेब 15%
अध्याय 22 में आने वाले अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ 50%
कच्चा खाद्य तेल (पाम, सोयाबीन, सूरजमुखी) 15%
कोयला, लिग्नाईट और पीट 1%
विनिर्दिष्ट खाद (यूरिया, एमओपी, डीएपी) 0%
अमोनिया नाइट्रेट 2.5%
मटर, काबुली चना, बंगाल चना, मसूर 10%

* इन सामग्री पर कृषिगत अवसंरचना तथा विकास उपकर के लिए भाग ग का संदर्भ लें।

  1. पेट्रोल एवं डीजल पर कृषि अवसंरचना तथा विकास उपकर (एआईडीसी) लगाए जाने के परिणामस्वरूप, इन पर मौलिक उत्पाद शुल्क (बीईडी) और विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को कम किया गया है ताकि कुल मिलाकर उपभोक्ता पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े। परिणामस्वरूप, अनब्रान्डेड पेट्रोल और डीजल में क्रमशः 1.4 रु. और 1.8 रु. प्रति लीटर का मौलिक उत्पाद शुल्क लगेगा। अनब्रांडेड पेट्रोल और डीजल पर एसएईडी को क्रमशः 11 रुपये और 8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ब्रांड वाले पेट्रोल तथा डीजल के लिए भी इसी प्रकार के बदलाव किए गए हैं। इन पर लगाए गए कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर की दरों के लिए भाग ग देखें।
  2. रियायतों को तर्कसंगत बनाना
क्र.सं. वस्तुओं की श्रेणी विशिष्ट सामग्री से तक
1. खनिज पदार्थ नैचुरल बोरेट्स और इसके कंसन्ट्रेट्स शून्य  5% 2.5%
2. रसायन स्पैनडेक्स यार्न के निर्माण के लिए मिथाइल डाईफीनाइल आइसोसाएनेट (एमडीआई) शून्य 7.5%
3. हस्तशिल्प, वस्त्र एवं चमड़ा के निर्यात निष्पादन के आधार पर शुल्क मुक्त आयात की अनुमति वाले सामान पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए निर्यात के आधार पर मोटिफ, ग्लू, वेनीर, पॉलिस, हुक्स, रिवेट्स, बटन, वेल्क्रो, चाटोन, बैजेस, बीड्स, सिलाई के धागे आदि मदों के शुल्क मुक्त आयातों की अनुमति हस्तशिल्प, वस्त्र और चमड़े के निर्यातकों को दी गई है।

इन रियायतों के लिए 31.03.2021 की अंतिम तारीख दी जा रही है।

शून्य

 

  1. भंडार रोधी शुल्क और प्रतिकारी शुल्क को वापस/अस्थायी रूप से वापस/बंद करना

 

क्र.सं. विशिष्ट सामग्री
1. निम्नलिखित के आयात पर 2.2.2021 से 30.09.2021 की अवधि के लिए भंडार रोधी शुल्क को अस्थायी तौर पर वापस लिया जा रहा है।

(क) चीन जनवदी गणराज्य में मूलतः उत्पादित अथवा वहां से नियमित एलॉय स्टील के स्ट्रेट लेंथ बार या शड, जिन पर अधिसूचना सं. 54/10/2018 के तहत पाटनरोधी शुल्क लगाया गया था

(ख) ब्राजील, चीन जनवादी गणराज्य और जर्मनी में मूलतः उत्पादित या वहां से निर्यातित नॉन कोबाल्ट ग्रेड के हाई स्पील स्टील, जिस पर अधिसूचना सं. 38/2019-सीमा शुल्क (एडीडी), दिनांक 29.09.2019 के द्वारा पाटनरोधी शुल्क लगाया गया था।

(ग) चीन जनवादी गणराज्य, वियतनाम और कोरिया गणराज्य में मूल उत्पादित या वहां से निर्यातित स्टील के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट जोकि एल्यूमिनियम या जिंक एलॉय से प्लेटेड या कोटेड हों, जिन पर अधिसूचना सं. 16/2020-सीमाशुल्क (एडीडी), दिनांक 23.06.2020 के द्वारा पाटनरोधी शुल्क लगाया गया था।

2. चीन जानकारी गणराज्य में उद्भूत या वहांसे निर्यातित कतिपय हाट रोल्ड एवं कोल्ड गेल्ड स्टेनलेस स्टील प्लैट उत्पादों केआयातों पर प्रतिकार/शुल्क जिसे अधिसूचना सं. 1/2017 सीमाशुल्क (सीवीडी) दिनांक 07.09.2017 के जरिए अधिरोपित किया गया था, का 2.2.2011 से शुरु करके 30.09.2021 तक की अवधि के लिएप्रतिसंदरण कर दिया गया है।
3. इंडोनेशियासे उद्भूत या वहां से निर्यातित स्टेनलेस स्टील के फ्लैट उत्पादों के आयात परअनंतिम प्रतिकारी शुल्क, जिसे अधिसूचना सं. 2/2020 सीमाशुल्क (सीवीडी) दिनांक 9.10.2020 के जरिएअधिसूचित किया गया था, प्रतिसंहरित किया जा रहा है।
4. समाप्त प्राय समीक्षा में चीनजनवादी गणराज्य, कोरिया गणराज्य, यूरोपीय संघ, दक्षिण अफ्रीका, ताईवान थाईलैंड और संयुक्तराज्य अमेरिका से उद्भूत या वहां से निर्यातित गैर-वास्तविक उपयोग के 600 मि. मी.से 1250 मि. मी. और 1250 मि. मी. से अधिक चौड़ाई के स्टेनलेस स्टील के कोल्ड गेल्डफ्लैट उत्पादों पर डम्पिंग-रोधी शुल्क, जो अधिसूचना सं. 61/2015 सीमाशुल्क (एडीडी) दिनांक 11 दिसंबर, 2015 और 52/2017-सीमाशुल्क (एडीडी) दिनांक 24 अक्टूबर, 2017 केजरिए अब तक उगाही योग्य थी, इसके समाप्त होने पर बंद करदी गई है।

 

  1. अन्य विविध प्रभार
क्र. सं. वस्तुओं की श्रेणी विनिर्दिष्ट मदें
1. विविध फिल्म निर्माताओं द्वारापरिधानों और प्राप के अस्थायी आयातों पर छूट।

सौर ऊर्जा जनन परियोजनाएंस्थापित करने के लिए मशीनरी, उपकरणों, सचित्रों, कल-पुर्जों या सहायक उपस्कर की सभी मदों के प्रति छूट विखंडित की जारही है (अधिसूचना सं. 1/2011 सीमाशुल्क)

2. परियोजना आयात सभी हाई स्पीड रेल परियोजनाओंको फायदा दिया जा रहा है।
3. आई.टी/इलैक्ट्रानिक्स कम्प्यूटरों के लिए प्रिंटरोंमें उपयोग हेतु इंक काट्रिज, रिबन असेम्बली, रिजन गीयर असेम्बली, रिबन गीयर कैरेज पर बीसीडी की रियायती दर हटाई जा रही है।
4. खिलौने छूट संबंधी अधिसूचना, जो इलेक्ट्रानिक खिलौनोंके विभिन्न कल-पुर्जों पर रियायती बीसीडी दर प्रदान करती है, में मौजूदा प्रविष्टियां एक एकल प्रविष्टि में समेकित की जा रही हैं,और उक्त नई प्रविष्टि के लिए 15 प्रतिशत संशोधित बीसीडी दर विहित की जा रही है।
5. अंतिम उपयोग आधारित छूट मेंमौजूदा विविध शर्तों के बदल आईजीसीआर की शर्त होगी। सीमाशुल्क छूट में कई प्रकारकी टुर्वह्य शर्तें अब रियायती दर पर माल के आयात (आईजीसीआर) का पालन किए जानेकी अपेक्षा से प्रतिस्थापित की जा रही है। यह अंतिम उपयोग आधारित छूट के लिएअनुपालन अपेक्षा को सरलीकृत एवं मानकीकृत करेगा।

.विनिर्दिष्ट वस्तुओं पर कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर का अधिरोपण (2.2.2021 से)

विनिर्दिष्टवस्तुओं पर कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर का प्रस्ताव किया गया है जो निम्नलिखितके अनुसार हैः

  • सीमाशुल्क के संबंध में
मद प्रस्तावित उपकर

(सीमाशुल्क)

स्वर्ण, चांदी और डोरे बार 2.5 %
अल्कोहलयुक्त पेय पदार्थ (अध्याय 12 केअंतर्गत आने वाले) 100%
क्रूड पाम आयल 17.5%
क्रूड सोयाबीन एवं सूरजमुखी तेल 20%
सेव 35%
कोयला, लिग्नाइट एवं पीट 1.5%
विनिर्दिष्ट उर्वरक (यूरिया आदि) 5%
मटर 40%
काबुली चना 30%
चना/चिकपीस 50%
मसूर 20%
कपास (बिना कार्ड या काम्ब किए हुए) 5%

 

इन मदों पर बुनियादी सीमाशुल्क दरों के लिए भाग ख देखें। इनमेंसे अधिकतर मदों पर उपभोक्ता पर समग्र रूप से कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

  • उत्पादशुल्क के संबंध में

पैट्रोल पर 2.5 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 4 रूपए प्रति लीटर का कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर एआईडीसी अधिरोपित किया गया है।अन्य शुल्कों एव उपकर, एआईडीसी के अधिरोपण के परिणामस्वरूप यथा-संशोधित, के लिए भाग ख देखें। उपभोक्ता पर समग्र रूप से कोई अतिरिक्त भार नहींपड़ेगा।

.समाज कल्याण अधिभार (एसडब्लयूएस)

1. क. अधिसूचना सं. 12/2018 सीमाशुल्क दिनांक 2.2.2018 विखंडित की जा रही है ताकि सभी वस्तुओं के लिए 10 प्रतिशत की केवल एक एसडब्लयूएस दर रहे
ख. सोना एवं चांदी के लिए कृषि अवसंरचना एवं विकासउपकर पर एसडब्लयूएस से छूट दी जा रही है।

 

. केन्र्दीय उत्पाद शुल्क मेंविविध प्रभार

 

1. मिश्रित ईंधन एम-15 पेट्रोलएवं ई-20 पैट्रोल अन्यमिश्रित ईंधनों/जैसेकि ई-5 और ई-10) की तर्ज पर उपकरों एवं अधिभारों से छूटबशर्ते ये मिश्रित ईंधन शुल्क-प्रदत्त निविष्टयों से बने हों।

 

. केन्द्रीय जीएसटीअधिनियम, 2017 (सीजीएसटी अधिनियम) और संयुक्त जीएसटी अधिनियम, 2017 (आईजीएसटी अधिनियम) के उपबंधों में विधायी परिवर्तन:

जीएसटी परिषदद्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर, सीजीएसटी अधिनियम और आईजीएसटी अधिनियम में कुछपरिवर्तन हुए हैं। ये परिवर्तन उस तारीख से प्रभावी होंगे जब उन्हें अधिसूचित कियाजाएगा,यथासंभव, राज्यों और विधान मंडल वाले संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा पारितइसी प्रकार के अधिनियमों में तदनुरूपी संशोधन के साथ-साथ।

इनमें निम्नलिखितके लिए उपाय शामिल हैं:-

  1. करदाताओं को सुविधा प्रदान करना, जैसे कि वार्षिक लेखापरीक्षा करवाने और समाशोधन विवरण की अनिवार्य आवश्यकता हटाना, स्वप्रमाणन आधार पर वार्षिक विवरणी दायर करना और1 जुलाई, 2017 से निवलनगदी देयता पर ब्याज प्रभारित करना।
  2. अनुपालन में सुधार लाना, जैसे कि निर्दिष्ट कर ऋणतभी प्राप्त करना जब आपूर्तिकर्ता द्वारा वहिर्गमन आपूर्तियों के विवरण मेंआपूर्तिकर्ता द्वारा ब्यौरे दिए गए हों, किसी अवधि केअनंतिम संलग्नक की वैधता, केवल विनिर्दिष्ट मामलों मेंआईजीएसटी के भुगतान पर शून्य-रेटिंग और उसे विदेशी विप्रेषित धन की प्राप्ति सेजोड़ना।
  • अभिग्रहणएवं जब्ती, लगाएगए जुर्माने के पच्चीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने पर ही अपील दायर करनेसे संबंधित कतिपय अन्य परिवर्तन करना।

. छोटे-छोटे कुछ अन्य परिवर्तन हैं। बजट प्रस्तावों, व्याख्यात्मक ज्ञापन और अन्य संबंधित बजट दस्तावेजों के ब्यौरे देखे जा सकते हैं।

 

बजट पीडीएफ – budget pdf in hindi

 

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