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Exam postpone -क्या छात्रों को जनरल प्रमोशन देना चाहिये?

Exam postpone- क्या छात्रों को जनरल प्रमोशन देना चाहिये।

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को जनरल प्रमोशन देना चाहिये? क्या एक्जाम होना चाहिये? क्या एक्जाम टाल (Exam postpone) कर देना चाहिये

मप्र की सरकार परीक्षा कराने के लिये आमादा है। इस विषय पर आपकी क्या राय है। आर्टिकल में नीचे अपना बहुमूल्य कमेंटस करके बता सकते है। हम आपकी बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचायेंगे…

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने टिविटर हैंडल पर टिविट कर कहते है, मध्यप्रदेश के भांजे भांजियों की चिंता सबसे ज्यादा मुझे है। जिसने अपना जीवन ही उनके लिये समर्पित कर दिया हो, वह कभी नहीं चाहेगा कि उसके बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ करे।

परिस्थितियां विपरीत है, लेकिन हमने चुनौती को अवसर में बदलने का निर्णय लिया है। परीक्षा की जो तारीखे दी गई है कि किसी भी छात्र को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जायेगा, जिससे उनका भविष्य अंधकार मय न हो। उनका भविष्य तभी खतरे में होगा, जब उनकी परीक्षा (Exam postpone)  ना कर उन्हें जनरल प्रमोशन दिया जायेगा।

छात्र छात्राओं ने झ्तनी मेहनत और लगन से जो सालभर जो पढ़ाई की है, उसकी परीक्षा होना अत्यंत आवश्यक है। उनकी परीक्षा न लेकर और जनरल प्रमोशन देकर उनका आगे का जीवन बर्बाद नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस के जिन नेताओं ने मप्र के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का बीड़ा उठाया है, उनका यह जानना जरुरी है कि किसी भी छात्र को आगे बढ़ने के लिये उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। जिसमें दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं सबसे महत्वपूर्ण होती है।

यहीं से उनके जीवन की नींव डलती है। कांग्रेस के नेता लगातार छात्रों को कोरोना वायरस का डर दिखाकर जनरल प्रमोशन की मांग के लिये बरगला रहे है। मप्र सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिये उचित कदम उठाये है। सारी व्यवस्थायें सूचारू रूप से शुरू हो, लोगों का जीवन फ़िर व्यवस्थित हो, इसके लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।

भारत का भविष्य उसके युवा नागरिकों के हाथ में है! युवाओं का भविष्य मजबूत होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। छात्रों और अभिभावकों को सोचना चाहिये कि शिक्षा और परीक्षा दोनों महत्वपूर्ण है। कुछ लोग छात्र हित की बात कर राजनीति कर रहे हेै, उनको बचना चाहिये।

इधर भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव ने टिविट कर कहा कि छात्रों के अभिभवकों से आग्रह है कि बच्चों के भविष्य की खातिर उन्हें कांग्रेस की गंदी राजनीति से दूर रखिये। हमें पूरा यकीन है कि मप्र के बच्चे अपनी योग्यता और मेहनत से अपना भविष्य बनायेंगे। साथ ही सुनहरा मध्यप्रदेश बनाने में अपना योगदान देंगे। कांग्रेस मप्र के बच्चों को आगे बढ़ने दो।

बच्चों के इस विषय पर कांग्रेस ने भी अपनी बात रखी है। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना वायरस के मददेनजर बच्चों की जान से खिलवाड़ ना करे। कमलनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस और लॉक डाउन के कारण बच्चे परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाये है। इसलिये बच्चों को जनरल प्रमोशन देना चाहिये।

राज्यसभा सांसद व कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने टिविट कर कहा कि छात्र छात्राओं को मेहनत और लगन से पढ़कर परीक्षा देने की सलाह शिवराज जी ने दी। बड़े के नाते सलाह दी। तरूण इंदाैरी का हाजिर जवाब नेताओं के लिये नसीहत। जब राजनेता अपनी नैतिकता खो देते है तो छात्रों के ऐसे जवाब सुनना पड़ते है। जनता हमारी आयना है।

बच्चों के टिविट-

तरूण साहू-बड़ी गजब की बात है। आप बिना चुनाव जीते मुख्यमंत्री बन सकते है…पर हम एक परीक्षा दिये अपना भविष्य नहीं बना सकते ।

सोहेल खान-छात्रों की आर्थिक स्थिति का सोचो मामा, पता है तुम शिक्षा माफिया के दबाव में हो, युनिवर्सिटी और कॉलेज की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिये छात्रों की जान से क्यों खेल रहे हो।

तनिशा गुप्ता- स्टूडेंट होने के नाते हम परीक्षा चाहते है, लेकिन प्रदेश में 7000 कोविड केस हो चुके है, जान जोखिम में मत डालिये। परीक्षा को जून के बजाय जुलाई में कराये।

सत्यम मिश्रा-आप हमे भांजा मानते हो तो विकल्प दीजिये, जिसे परीक्षा देना हो दे, जिसे जनरल प्रमोशन लेना हो, वो ले सके।

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12 Comments

  • जय हिंद मैं धार जिले की महाराजा भोज स्नाकोत्तर महाविद्यालय धार का बीए का छात्र हूं जब पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है ऐसे समय में मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी एक तरफ आंधी और तूफान बरसात का समय है ऐसी स्थिति में गांव में रहने वाले विद्यार्थी शहरों तक एग्जाम कैसे देने पहुंचेंगे हम सवाल करते हैं कि बच्चों की परीक्षा लेकर विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद क्यों कर रहे हो जवाब शिवराज सिंह चौहान बिना चुनाव लड़े मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो हमें भी बिना एग्जाम दिए जनरल प्रमोशन देना चाहिए अगर जनरल प्रमोशन नहीं दिया तो हम सभी विद्यार्थी लोक डाउन खुलते ही संविधान का आंदोलन करेंगे
    दूसरी बात मध्य प्रदेश के सभी विद्यार्थियों के रूम रेंट किराया माफ करने संबंधित योजना निकाले या आवास भत्ता स्कॉलर दें क्योंकि मध्य प्रदेश के सभी बेरोजगार युवा बहुत मानसिक तनाव एवं आक्रोश में है

  • मामा (CM) मेरे परीक्षा कक्ष में बैठेंगे तो ही परीक्षा दूंगा नही तो आप सब जानते हो जान है तो जहांन है अगर इतनी ही छोटी बीमारी थी तो देश यू ही थोरे ही बंद कर दिया था

  • ग्रेजुएशन फाइनल और सेकंडरी फ़ाइनल के छात्रों का जनरल प्रमोशन करना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि इससे उनका भविष्य जुड़ा हुआ है।
    बाकी सभी कक्षाओं में जनरल प्रमोशन दे देना चाहिए ताकि आगे की बच्चों की पढ़ाई निर्बाध एवम सुचारू रूप से चलती रहे।बच्चों की कक्षा देरी
    से लगने पर तथा रिजल्ट देरी से आने पर छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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