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samvida karmchari news mp || संविदा कर्मचारी नियमितीकरण mp 2021 || samvida karmi latest news today

samvida karmchari news mp || संविदा कर्मचारी नियमितीकरण mp 2021 || samvida karmi latest news today

संविदा कर्मचारी न्यूज़ भोपाल 2021- एक लाख से ज्‍यादा पद विभिन्‍न विभागों में रिक्‍त पड़े है, सरकार भर्ती के लिये बजट नहीं होने का रोती है रोना…

Online desk, bhopal

मध्यप्रदेश में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण (samvida karmi latest news today) की बात केवल सरकारों को चुनाव के समय ही याद आती है. चुनाव खत्‍म नेता सब भूल जाते है. इससे ठगा रहा जाता है, वो संविदा कर्मचारी जिसने इस आशा में वोट दिया था कि ये सरकार उसको नियमित कर देगी. प्रदेश में लंबे समय से संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठ रही है. मांग जायज भी है. उनको नियमित किया भी जाना चाहिये. ये बात सरकार भी कहती है, लेकिन करती नहीं है. वर्ष 2018 के समय चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में संविदा कर्मचा‍रियों को नियमित करने की बात कहीं थी. उस समय कांग्रेस पार्टी की सरकार पर दबाव भी था. संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर कमेटी का गठन भी किया गया था. संविदा कर्मचारी नियमितीकरण (Mp karmchari News Today) को लेकर मंत्रालय में बैठकें भी हो रही थी. जिससे संविदा कर्मचारियों को निय‍मित होने की आंस जग रही थी. अचानक राजनीतिक उठापटक के चलते मप्र में कांग्रेस की सरकार गिर गई और मप्र में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्‍व में प्रदेश में नई सरकार का गठन हुआ. सरकार के गठन के समय ही कोरोना अपने पैर पसार चुका था, सरकार बनने के पूर्व शिवराज सिंह चौहान का बयान था, कैसा कोरोना, काय का कोरोना, ये कोरोना नहीं डरोना है. जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी, देश में लॉक डाउन लग गया और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण (Mp Samvida Today Current News) की संभावना पर भी सरकार ने लॉक लगा दिया. प्रदेश में 2018 के चुनाव के बाद दो वर्ष गुजर चुके है, बावजूद संविदा कर्मचारियों (samvida karmchari) को नियमित नहीं किया जा रहा है…

मार्कफेड के कदम से आंस जगी- samvida karmchari news mp-संविदा कर्मचारी न्यूज़ भोपाल 2021-संविदा कर्मचारी नियमितीकरण mp 2021- samvida karmi latest news today

सहकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्‍य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने संविदा पर कार्य कर रहे 101 कर्मचा‍रियों को नियमित (samvida to permanent) कर दिया है. प्रावधान यह है कि जो जहां काम कर रहा है, उसे वहीं नियमित कर दिया जाये. जो कर्मचारी नियमित  पदों के विरुद्ध संविदा पर कार्य कर रहे हैं, उन्हें वहीं नियमित कर दिया जाये. वहीं जहां संविदा कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे है और जिन्‍हें पांच साल से ज्‍यादा समय हो गया है, विभागीय सेटअप में बदलाव कर प्रशासकीय विभाग ही उन्‍हें नियमित कर सकता है. इसी तरह जिस विभाग में नियमित पदों पर भर्ती निकले, उसमें 20 प्रतिशत पदों को संविदा कर्मचारियों के लिये आरक्षित रख दिया जाये. 

 कहां किस विभाग में कितने कर्मचारी-samvida karmchari news mp-संविदा कर्मचारी न्यूज़ भोपाल 2021-संविदा कर्मचारी नियमितीकरण mp 2021

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग- 18000
  • स्‍वास्‍थ्‍य विभाग-24000
  • ऊर्जा विभाग-7000
  • राज्‍य शिक्षा केंद्र-3200
  • महिला एवं बाल विकास विभाग-1600
  • खेल एवं युवक कल्‍याण विभाग-1200
  • लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग-1500
  • नगरीय प्रशासन विभाग-800
  • सामान्‍य प्रशासन विभाग-450
  • लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी-850

ऊर्जा विभाग में नियमित करने पर केवल 1 करोड़ का खर्च-( samvida karmi latest news today 2021)

मप्र यूनाइटेड फोरम फॉर पावर इम्‍प्‍लॉइज एवं इंजीनियर्स के संयोजक केएस परिहार का कहना है कि सभी विद्युत कंपनियों में करीब 6 हजार कर्मचारी संविदा पर काम कर रहे है. ये सभी विज्ञपित नियमित एवं संविदा पदों के विज्ञापनों के विरुद्ध परीक्षा में चयनित होकर आये है. इन सभी कर्मचारियों को संविदा नीति के तहत मूल वेतन का 90 प्रतिशत वेतन का पारिश्रमिक दिया जा रहा है. इन कर्मचारियों को नियमित करने पर राज्‍य शासन पर केवल एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आयेगा. कर्मचारी नियमित होने से वह संस्था के प्रति अधिक जवाबदेह होंगे….

बिजली कंपनियों को आत्‍मनिर्भर करने के प्रयास तेज-Mp Samvida Today Current News

मप्र में कमलनाथ की सरकार के समय केंद्र सरकार के मंत्री आरके सिंह का बयान आया था कि प्रदेश की बिजली कंपनियों को प्राइवेट किया जायेगा. जो प्रदेश सरकार अपने यहां की कंपनियों को निजी क्षेत्रों के लिये नहीं खोलेंगे, उनको केंद्र की तरफ से सब्सिडी और अन्‍य तरह के फंड नहीं दिये जायेंगे. तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार वित्‍त की कमी के चलते केंद्र सरकार के इस प्रावधान के सामने मजबूर थी, और बिजली कंपनियों को प्राइवेट करने की तैयारी कर रही थी. लेकिन उससे पहले ही सरकार गिर गई और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई. अब मप्र में बिजली कंपनियों के निजीकरण के प्रयास पहले से तेज हो गए है. संभव है, जैसे ही कोरोना की लहर कम होती है, उसके बाद एलान हो जाए. सवाल यह उठता है कि जब बिजली कंपनियों का निजीकरण हो जायेगा, तब एमपी के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की आवश्‍यकता क्‍या रहेगी? सारे कर्मचारी प्रायवेट हो जायेंगे. 

कर्ज पर चल रही सरकार संविदा कर्मचारियों को नियमित कर सकेगी- संविदा कर्मचारी न्यूज़ भोपाल 2021

सवाल यह उठता है कि  मप्र की सरकार अपने दैनिक  खर्चों के लिये  कर्ज पर निर्भर है, वह संविदा कर्मचारियों को कैसे नियमित कर देगी. हालांकि सरकार को संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर कोई ज्‍यादा राशि नहीं खर्च करना होगा, बावजूद सरकार इस पर ध्‍यान नहीं दे रही है. वहीं जैसे ही संविदा कर्म‍चारियों को नियमित किया जायेगा, तब नई भर्ती की मांग तेज हो जायेगी. नई भर्ती के लिए सरकार के पास फंड नहीं है. सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को जीपीएफ सहित राशि नहीं मिल रही है. सेवानिवृत्ति की आयु में बढ़ोतरी भी इसलिए ही हुई है…

 नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने की मांग- samvida karmi latest news today-samvida news today

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत 19 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी, जिनमें आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशयन, स्टाॅफ नर्स, ए.एन.एम., डाटा मेनेजर तथा अन्य समस्त पेरामेडीकल स्टाॅफ शामिल है, ये सभी लोग लंबे समय से संविदा पर पदस्थ रहते हुये स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे है। इन सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मार्च 2020 के बाद प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने के लिये अपना अमूल्य योगदान दिया है।  ये संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना योद्धा है जो जोखिम उठाकर न्यूनतम वेतन पर कार्य करके महामारी में लोगों का जीवन बचाने में योगदान दे रहे है।  मध्यप्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के वेतन का 90 प्रतिशत वेतन देने के संबन्ध आपकी सरकार ने नीति बनाई थी, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत कर्मचारियों के लिये अभी तक लागू नही किया गया है। प्रदेश के 19 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी (Mp Samvida Today Current News) सरकार के रवैये से अत्यंत क्षुब्ध और दुःखी होकर विगत 24 मई 2021 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है, जिसके कारण पहले से ही कुप्रबंधन से गुजर रही मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हो गई है। दुराग्रह छोड़कर उनकी मांगों का निराकरण किया जाना चाहिए।

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